संवाद न्यूज एजेंसी, सिकंदराराऊ।
उपजिलाधिकारी अंकुर वर्मा ने सोमवार को बीएएमएस और बीयूएमएस चिकित्सकों के क्लीनिक एवं नर्सिंग होम पर की गई छापामार कार्रवाई के विरोध में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के आयुष चिकित्सकों ने हाथ में काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। चिकित्सक दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। इस कारण पूरे दिन मरीज इलाज के लिए भटकते रहे। चिकित्सकों ने हाथों पर काली पट्टी बांधी।
वक्ताओं ने कहा कि सभी बीएएमएस और बीयूएमएस चिकित्सक नियमानुसार अपनी पैथी में ही चिकित्सा कार्य कर रहे हैं। जहां एलोपैथिक पद्धति में इलाज किया जा रहा है, वहां पहले से ही एलोपैथिक चिकित्सक की व्यवस्था है। एलोपैथिक चिकित्सक द्वारा अपनी पद्धति में ही इलाज किया जाता है।
इसके बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बेवजह परेशान किया जा रहा है। यदि प्रशासन की कार्यशैली में सुधार नहीं आता है तो चिकित्सकों का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही प्रदेश के मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा और अपनी समस्याओं के निराकरण और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगा। आयुर्वेदिक और यूनानी चिकित्सकों के काम न करने के कारण पूरे दिन मरीज परेशान घूमते रहे।
विरोध दर्ज कराने वालों में डॉ. सीपी वर्मा, डॉ. ललित प्रताप बघेल, डॉ. पवन कुमार कचौरा, डॉ. विजय प्रकाश गुप्ता, डॉ. अजीम खान पुरदिलनगर, डॉ. अंशुल सोनी, डॉ. अरविंद सारस्वत, डॉ. राकेश कुमार, डॉ.
नसीम अहमद, डॉ. जाहिद हुसैन, आसिम अंसारी, डॉ. सीपी शर्मा, डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. यतेंद्र कुमार, डॉ. राकेश सिंह, डॉ. केके सिंह, डॉ. रामवीर सिंह, डॉ. तेजवीर सिंह, डॉ. अरविंद पाराशर, डॉ. रामप्रकाश गुप्ता आदि थे।