न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विधानसभा चुनाव की घोषणा होते ही जिले में राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। बसपा को छोड़कर अभी तक किसी भी प्रमुख दल ने अपने उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं। प्रमुख दलों के दावेदारों ने टिकट पाने के लिए भागदौड़ और तेज कर दी है। कई पार्टियों के नेताओं ने बैठकें भी कीं और चुनाव की तिथियां घोषित होने के बाद अपने समर्थकों के साथ मंत्रणा की।
बसपा तीनों सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। हाथरस सदर से संजीव कुमार काका, सादाबाद सीट से डॉ. अविन शर्मा और सिकंदराराऊ सीट से अवधेश कुमार सिंह पार्टी के प्रत्याशी घोषित हो चुके हैं और यह लगातार जनसंपर्क कर रहे हैं। सपा-रालोद का इस चुनाव में गठबंधन के तहत चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है। माना जा रहा है कि सपा के खाते में गठबंधन के तहत हाथरस और सिकंदराराऊ सीट आएंगी और रालोद सादाबाद सीट से चुनाव लड़ेगा।
गठबंधन के दोेनों दलों में भी दावेदारों की भरमार है और यह दावेदार टिकट पाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। तीनों सीटों पर टिकट के सबसे ज्यादा दावेदार भाजपा में हैं। यह दावेदार चुनाव की घोषणा होने के बाद टिकट पाने की जुगत में और तेजी से लग गए हैं। स्थानीय संगठन के नेताओं से लेकर उच्च स्तर तक के पदाधिकारियों के संपर्क में कुछ मजबूत दावेदार हैं।
पिछली बार जिले में भाजपा ने दो और बसपा ने जीती थी एक सीट
हाथरस। जिले में वर्ष 2017 में विस चुनाव की बात करें तो पिछली बार हाथरस और सिकंदराराऊ सीट भाजपा ने जीती थी, जबकि मोदी लहर में भी सादाबाद की सीट बसपा प्रत्याशी व पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय ने जीत ली थी। इस बार स्थिति बदली हुई है। रामवीर उपाध्याय बसपा से निलंबित चल रहे हैं और सादाबाद से बसपा डॉ. अविन शर्मा को प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। वैसे भी रामवीर उपाध्याय का पूरा परिवार भाजपा में शामिल हो चुका है। उनकी पत्नी सीमा उपाध्याय भाजपा के समर्थन से जिला पंचायत अध्यक्ष चुनी गई थीं। संवाद
परिजन बोले, रामवीर इस बार भी लड़ेंगे चुनाव
हाथरस। वैसे रामवीर उपाध्याय अभी अस्वस्थ हैं, लेकिन उनके भाई रामेश्वर उपाध्याय व उनके बेटे चिराग उपाध्याय का कहना है कि पूर्व मंत्री रामवीर इस बार भी चुनाव लड़ेंगे। उन्हें काफी स्वास्थ्य लाभ हो चुका है और जल्द ही वह लोगों के बीच में आ जाएंगे। संवाद
मौजूदा विधायकों को ही टिकट देगी भाजपा या बदलेंगे चेहरे ?
हाथरस। यहां यह बात भी देखने वाली होगी कि अक्सर चुनाव में प्रत्याशी बदलने वाली भाजपा इस बाद अपने मौजूदा विधायकों को फिर से चुनाव लड़ाएगी या नहीं। भाजपा ने पिछले लोकसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी बदला था और राजेश दिवाकर के स्थान पर राजवीर सिंह दिलेर को उम्मीदवार बनाया था। ऐसे में भाजपा हाईकमान की रणनीति पर सबकी टकटकी है। भाजपा का पूरा फोकस सादाबाद सीट पर भी है। पूरे अलीगढ़ मंडल में भाजपा इस सीट को ही नहीं जीत पाई थी। ऐसे में सूत्रों की मानें तो भाजपा इस सीट पर विजयश्री पाना चाहती है। बात यदि सपा और रालोद की करें तो इन दलों पर यहां खोने के लिए कुछ नहीं है, जबकि यह दल सत्ताधारी पार्टी को कड़ी चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं। बसपा के सामने अपनी सादाबाद सीट को बचाए रखने की चुनौती होगी और अन्य दोनो सीटें हासिल करने के लिए भी पार्टी जोर लगा रही है। कांग्रेस भी इस चुनाव में जिले में अपनी जीत के लिए दम लगा रही है। करीब तीन दशक से कांग्रेस इस जिले में खाली हाथ है। संवाद
चुनाव आयोग के नए निर्देश से राजनेता निराश
हाथरस। चुनाव आयोग ने जिस तरह से 15 जनवरी तक रैलियों और रोड शो पर रोक लगाई है। सूत्रों की मानें तो उससे कई सियासी दलों के राजनेता व दावेदार अंदरखाने बेचैन हैं। सूत्रों की मानें तो इन संभावित प्रत्याशियों की यह कोशिश थी कि शुरू में एक-दो बड़ी रैली या सभा करके अपने पक्ष में और ज्यादा माहौल बना लेते, लेकिन उनकी इस योजना पर चुनाव आयोग के निर्देश से पानी फेर दिया है। संवाद
चुनाव को लेकर पार्टी पहले से ही तैयार है। बूथ स्तर तक संगठन काफी मजबूत है। पार्टी अगले सप्ताह उम्मीदवार घोषित कर देगी। तीनों सीटें पार्टी जीतेगी। चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार ही चुनाव लड़ा जाएगा।
-गौरव आर्य, जिलाध्यक्ष भाजपा
हमारी पार्टी पहले ही तीनों सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। चुनाव में हम पूरी तैयारी से चुनाव में है। प्रत्याशी लगातार तैयारी कर रहे हैं। तीनो सीटों पर पार्टी काफी मजबूत स्थिति में है। चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए हम चुनाव लड़ेंगे।
-महेशबाबू कुशवाहा, जिलाध्यक्ष बसपा
हमारी पार्टी का कुछ दलों के साथ गठबंधन हुआ है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि सादाबाद की सीट गठबंधन के तहत रालोद के पास जाएगी। गठबंधन के दलों की जिला स्तर पर बैठक भी हो चुकी है। गठबंधन तीनों सीटों पर जीत हासिल करेगा। चुनाव को लेकर हमारी पूरी तैयारी है। जल्द ही प्रत्याशी भी घोषित कर दिए जाएंगे।
-जसवंत सिंह यादव, जिलाध्यक्ष सपा
हमारी पार्टी की चुनाव को लेकर तैयारी पूरी है। पार्टी बूथ स्तर तक मजबूत है। हम पहले ही कोरोना के बढ़ते संक्रमण को लेकर हम सभाओं व रैलियों पर रोक लगा चुके हैं। पार्टी चुनाव में काफी बेहतर प्रदर्शन करेगी। पार्टी जल्द ही प्रत्याशी घोषित कर देगी।
-चंद्रगुप्त विक्रमादित्य, जिलाध्यक्ष कांग्रेस