न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोरोना वायरस में बचाव और जागरूकता के साथ अन्य जरूरतों को लेकर जिला प्रशासन की ओर से व्यवस्थाएं दुरुस्त की गई हैं। जिला प्रशासन की ओर से क्वारंटीन सेंटर, मेडिकल क्वारंटीन, डोर स्टेप डिलीवरी आदि की व्यवस्था की गई है। यहां जिले में प्रशासन की ओर से 2,228 लोगों को क्वारंटीन सेंटर में रखने की व्यवस्था की गई है। यकायक इससे अधिक संख्या में इजाफा होने पर प्रशासन की ओर से कई कॉलेजों को रिजर्व में रखा गया है, जहां सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लिया गया है।
कोरोना को लेकर लॉकडाउन शुरू होते ही जिला प्रशासन की ओर से लोगों को क्वारंटीन में रखने के लिए व्यवस्था शुरू की गई थी। हालांकि लोगों को सीमा सील होने से पहले होम क्वारंटीन किया जा रहा था। सीमा सील के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में परिषदीय विद्यालयों में क्वारंटीन सेंटर बनाए गए, लेकिन यह व्यवस्था पूरी तरह से कारगर साबित नहीं हुई। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से ब्लॉक और तहसील स्तरों पर बड़े बड़े क्वारंटीन सेंटर बनाए गए हैं। यहां जिला प्रशासन की ओर से जिले में कोरोना को लेकर 18 क्वारंटीन सेंटर बनाए गए हैं। इन क्वारंटीन सेंटरों में 2228 लोगों के रहने की क्षमता है।
यहां तक कि इन क्वारंटीन सेंटरों में से ज्यादातर में कम्युनिटी किचन शुरू कर दी गई हैं, जिससे क्वारंटीन रहने वाले लोगों भोजन समय से प्राप्त हो सके। यहां तक कि इसी कम्युनिटी किचिन से भोजन पैकेट भी बनकर जरूरतमंदों तक पहुंचाए जा रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले में ग्रामीण क्षेत्र के क्वारंटीन सेंटरों में कुल 171 लोगों में से 128 लोगों को 14 दिन का क्वारंटीन का समय पूरा होने पर स्वास्थ्य परीक्षण के बाद घर भेज दिया गया है। शहरी क्षेत्र के क्वारंटीन सेंटरों में दाखिल 36 व्यक्तियों की क्वारंटाइन अवधि पूर्ण हो गई, लेकिन अन्य राज्यों के होने के कारण डिस्चार्ज नहीं किए गए हैं।
क्वांरटीन सेंटर - 18
क्वारंटीन सेंटरों में की क्षमता - 2228
अब तक दाखिल हुए कुल व्यक्ति - 401
अब तक डिस्चार्ज किए गए व्यक्ति - 279
वर्तमान में क्वारंटीन सेंटरों में मौजूद व्यक्ति 142