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हाथरस : अंबे तू है जगदंबे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली....

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हाथरस : रमनपुर स्थित मां चामुंडा मंदिर में आयोजित भागवत कथा के तहत निकाली गई कलश यात्रा में शामिल ? - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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चैत्र नवरात्र के पहले देवी मंदिरों के साथ घर घर भक्तिवर्षा हुई। घरों में कलश स्थापना कर भक्तों ने उपवास रखा। सुबह से ही देवी मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ती रही। भक्तों ने कतारबद्ध होकर दुग्ध मिश्रित जल से देवी मां का अभिषेक किया और मनोरथ पूर्ण करने की कामना की। दोपहर को मंदिरों में सफाई के बाद देवी प्रतिमाओं के मनोहारी शृंगार किए गए। देर रात्रि तक देवी के दर्शनों का सिलसिला चलता रहा। देर रात तक भजन-कीर्तन की धूम रही। पूरा वातावरण महामाई की भक्ति में सराबोर रहा।
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शनिवार को बौहरे वाली देवी मंदिर, चामुंडा मंदिर, पथवारी देवी मंदिर, शीतला माता मंदिर, शांता माता मंदिर आदि जगह सुबह से ही भक्तों का जुटना शुरू हो गया। दोपहर तक पूजा-अर्चना का क्रम चलता रहा। भक्तों ने लाइन में लगकर देवी की आराधना की। बौहरे वाली देवी मंदिर में भक्तों की काफी भीड़ रही। लंबी-लंबी लाइनें लगी रहीं। कोरोना काल के बाद यह पहला मौका था, जब मंदिरों में भक्तों की इतनी भीड़ नजर आई। शाम को मां भवानी के अलौकिक स्वरूप के दर्शन करने के लिए भी मंदिरों में भक्तों का मेला लगा रहा। घरों में कलश की स्थापना की गई। अज्ञारी करके देवी की स्तुति की गई। पूजा-अर्चना और दर्शन का यह क्रम नौ दिनों तक चलने वाला है, इसलिए देवी मंदिरों की भव्य सजावट भी की गई है। संवाद
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