फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाथरस : अच्छी लगती जैसे माथे पर बिंदी, ऐसी प्यारी लगे मोहे भाषा हिंदी

विज्ञापन
हिंदी दिवस पर काव्य पाठ प्रस्तुत करते कवि। - फोटो : SADABAD
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद।
विज्ञापन

हिंदी साहित्य सेवा संघ व राष्ट्रीय कवि संगम के तत्वावधान में हिंदी दिवस के मौके पर मंगलवार को काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। अध्यक्षता सतीशचंद्र रावत ने की और संचालन जयप्रकाश पचौरी ने किया।
शुभारंभ कवि नूर मोहम्मद ने मां शारदा की वंदना से किया। गीतकार डॉ. सुरेश ने कहा कि पारसमणि से प्यारी, बोलें बच्चे नर और नारी, शिक्षित अशिक्षितों के मन भावे हिंदी है। वरिष्ठ कवि रामबाबू पिप्पल ने जिसमें लिखे काव्य मन में रस घोल देते हैं, वह रसभरी भाषा प्यारी हिंदी है, सुनाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

कवि जयप्रकाश पचौरी ने प्रेम एकता की यह डोरी, भारत की पहचान है हिंदी, सुनाई। कवि सतीशचंद्र रावत ने अच्छी लगती जैैसे माथे पर बिंदी, ऐसी प्यारी लगे मोहे भाषा हिंदी, सुनाकर तालियां बटोरीं। इसके अलावा कवि ऋषि पचौरी, उमेश कुमार, धर्मेंद्र कुमार, अतुल चौधरी, सौरव चौधरी, हरिभान सिंह ने भी हिंदी भाषा का गुणगान किया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें