हाथरस : फैक्टरी में तैयार होती हींग। संवाद
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) के तहत शामिल हींग की अब हाथरस में ही परख होगी। हाथरस में जल्द इसके लिए प्रयोगशाला बनाई जाएगी। प्रयोगशाला बनने से हींग की 125 छोटी-बड़ी फैक्टरी के संचालकों को जांच के लिए बाहर नहीं जाना होगा। जिले में करीब दो करोड़ रुपये की लागत से यह प्रयोगशाला बनाई जाएगी। इसका प्रस्ताव जिला उद्योग और उद्यम प्रोत्साहन केंद्र ने शासन को भेजा है।
ओडीओपी के तहत जिले में हींग उत्पाद को कई वर्ष पहले शामिल किया गया था। इसकी जांच के लिए प्रयोगशाला की स्थापना की मांग लंबे समय से उद्यमियों द्वारा की जारही है। हींग से उत्पादन से जुड़े लोगों का ग्रुप भी बना लिया है। प्रयोगशाला बनाने में करीब दो करोड़ रुपये की लागत आएगी। 90 फीसदी राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है।
अभी तक हींग की गुणवत्ता की जांच के लिए उद्यमियों को आगरा, दिल्ली और अहमदाबाद जाना पड़ता है, लेकिन अब उन्हें यह सुविधा यहीं मिल जाएगी। उनके समय की बचत भी होगी। उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र दुष्यंत कुमार का कहना है कि हींग की जांच की प्रयोगशाला के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। इसके लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। प्रयोगशाला बनने से उद्यमियों को फायदा मिलेगा। संवाद