न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बिजली महकमे के प्रत्येक अवर अभियंता (जेई) को 20 लोगों के यहां बिजली चोरी पकड़नी होगी। साथ ही बकाया के हिसाब से राजस्व भी लाना होगा। काम न करने वाले जेई से संबंधित अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) ने स्पष्टीकरण भी मांगा है। जल्द अधीक्षण अभियंता स्तर से इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि शहर, देहात और कस्बों में बड़े पैमाने पर बिजली चोरी हो रही है। साथ ही विभाग का 700 करोड़ रुपये का राजस्व बकाया पड़ा है। बीते दिनों पावर कारपोरेशन मुख्यालय के आदेश मिलने के बाद बिजली चोरी पकड़ने और राजस्व वसूली करने के लिए अभियान की शुरुआत की गई है।
अब धीरे-धीरे अधीनस्थों द्वारा ढुलमुल रवैया अपनाया जा रहा है। इस कारण कामकाज रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। अब ऐसे जेई की सूची तैयार हो गई है, जो इस अभियान में ढिलाई बरत रहे हैं। संबंधित एक्सईएन ने जेई से स्पष्टीकरण भी मांगा है। संवाद