न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस डिपो के बेड़े में भले ही बसों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन इनके रखरखाव की हरी झंडी अन्य जिलों के एआरटीओ द्वारा दी जाती है। डिपो की 80 बसें अन्य जिलो में पंजीकृत हैं। मात्र तीन बसों का पंजीकरण हाथरस में है। जब इन बसों की फिटनेस होती है।
हाथरस डिपो में कुल 83 बसें हैं। इसमें से 80 बसें आगरा, अलीगढ़, लखनऊ, कानपुर आदि स्थानों के संभागीय कार्यालय में पंजीकृत हैं। मात्र तीन बसें हाथरस एआरटीओ कार्यालय में पंजीकृत हैं। जब इन बसों की फिटनेस होनी होती है तो ये बसें हाथरस से एक दिन पहले यहां रवाना की जाती है।
इस कारण बसों की संख्या में कमी आ जाती है। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ता है। इन बसों का यहां पंजीकरण हो तो जिले के संभागीय परिवहन अधिकारी बसों पर नजर रखेंगे । एआरएम शशी रानी का कहना है कि तीन बसें हाथरस एआरटीओ कार्यालय में पंजीकृत है। बाकी बसें अन्य जिलों में पंजीकृत हैं। वहीं फिटनेस के लिए जाती हैं।