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हाथरस: कोटा (राजस्थान) से 29 विद्यार्थियों सहित 31 लोग जिले में आए

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हाथरस: हाथरस का वह दून पब्लिक स्कूल, जहां कोटा से लाए गए करीब डेढ़ दर्जन विद्यार्थियों को क्वारंट? - फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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लॉकडाउन की अवधि में करीब एक माह तक हॉस्टलों में बंद विद्यार्थी काफी प्रयासों के बाद शासन स्तर से मिली मदद के सहारे अपने घरों के नजदीक तक पहुंचने के बाद काफी राहत की सांस ले रहे हैं। साथ ही वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा किए गए इस फैसले पर धन्यवाद भी दे रहे हैं। वहीं अपने जिले में आने पर विद्यार्थियों के अभिभावक भी सुकून महसूस कर रहे हैं। शनिवार की देर रात रोडवेज बस के जरिए कोटा राजस्थान से 29 विद्यार्थी सहित 31 लोग जिले में पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी को आगरा रोड स्थित दून पब्लिक स्कूल में बने क्वारंटीन सेंटर में रखवाया है और प्रारंभिक स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया है।
कोटा राजस्थान में जिले के तमाम विद्यार्थी मेडिकल व इंजीनियरिंग की कोचिंग ले रहे हैं। कोरोना को लेकर लॉकडाउन होते ही यहां जिले के भी तमाम विद्यार्थी कोटा राजस्थान में ही फंसे रह गए। इन विद्यार्थियों ने अपने परिजनों से संपर्क कर यहां आने का प्रयास भी किया, लेकिन सफल नहीं हो सके। ये विद्यार्थी कोटा में हॉस्टलों में बंद होकर रह गए। खाने पीने के साधनों के लिए कोचिंग सेंटर संचालकों ने जहां तक हुई हर संभव मदद की। लॉकडाउन की सीमा बढ़ने के बाद इन विद्यार्थियों ने सोशल मीडिया व ट्विटर के जरिये अपनी समस्याएं राजस्थान और उत्तर प्रदेश सरकार तक पहुंचाई।
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इन समस्याओं के अधिक संख्या में पहुंचने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोटा में फंसे यूपी के विद्यार्थियों को लाने के लिए रोडवेज बसों को भेजने का निर्णय लिया। इन बसों से आने वाले विद्यार्थियों की सूची तैयार की गई और स्थान स्थान पर सभी विद्यार्थियों का स्वास्थ्य चेकअप भी किया गया। इसके चलते शनिवार की देर रात काफी प्रयास के बाद अब जिले में कोटा राजस्थान से 31 लोग वापस लौटे हैं। इनमें 29 विद्यार्थी व दो अभिभावक शामिल हैं। इन सभी को आगरा रोड स्थित दून पब्लिक स्कूल में क्वारंटीन सेंटर में रखा गया। कोटा से आने वाले सभी का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
सोशल मीडिया के सहारे से हमारी समस्याएं पहुंची शासन तक
कोटा में मेडिकल की कोचिंग कर रहे छात्र अभिषेक प्रताप ने बताया कि लॉकडाउन शुरू होने के दौरान कुछ दिन खाने की भी समस्या पैदा हो गई थी। हमने अपनी तकलीफें ट्विटर, सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार तक पहुंर्चाइं। सरकार ने इन तकलीफों को समझा और अब हमें हमारे घर के नजदीक तक पहुंचाया है।
घर के नजदीक पहुंचकर मिली तसल्ली
मेडिकल की कोचिंग कर रहे शिवकुमार ने बताया कि हालांकि कोचिंग सेंटर वालों ने लॉकडाउन के दौरान कोटा में हमारी काफी मदद की, फिर भी हम इस वजह से काफी चिंतित थे कि लॉकडाउन पता नहीं कब समाप्त होगा। अब घर के नजदीक आ गए हैं तो तसल्ली मिली है।
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विद्यार्थियों के बैगों को किया सैनिटाइज
हाथरस। जिले में पहुंचने के बाद विद्यार्थियों पूरी तरह से स्क्रीनिंग की गई। क्वारंटीन सेंटर में अंदर जाने से पहले ही सभी विद्यार्थियों के बैगों को कॉलेज के गेट पर ही रखवा लिया गया। इन बैगों को अंदर क्वारंटीन सेंटर परिसर में नहीं जाने दिया गया। सभी बैगों को प्रशासन की ओर से सैनिटाइजेशन कराया गया, ताकि बैग के माध्यम से संक्रमण घरों या एक दूसरे तक न पहुंच सके।
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