न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी (डीएम) रमेश रंजन ने राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों की समीक्षा की। डीएम ने समस्त जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों का निस्तारण कराना सुनिश्चित करें। लंबित वादों का निस्तारण प्राथमिकता पर किया जाए।
डीएम ने बताया कि न्यायालय जिलाधिकारी में 10, अपर जिलाधिकारी के यहां 50, एडीएम न्यायिक के यहां 20, एसडीएम हाथरस के यहां 1000, हाथरस के समस्त राजस्व निरीक्षकों के यहां 500, तहसीलदार हाथरस के यहां 1700, नायब तहसीलदार हाथरस के यहां 100, न्यायालय चकबंदी अधिकारी हाथरस में 50, एसडीएम सिकंदराराऊ के यहां 1200, सिकंदराराऊ के समस्त राजस्व निरीक्षकों के यहां 400, तहसीलदार सिकंदराराऊ के यहां 1200, नायब तहसीलदार हसायन के यहां 100, एसडीएम सादाबाद के यहां 1250, समस्त राजस्व निरीक्षक सादाबाद के यहां 400, तहसीलदार सादाबाद के यहां 1300, नायब तहसीलदार बिसावर के यहां 100, नायब तहसीलदार सहपऊ के यहां 100 वाद लंबित हैं।
इसके अलावा न्यायालय एसडीएम सासनी में 1100, समस्त राजस्व निरीक्षक सासनी के यहां 350, तहसीलदार सासनी के यहां 1000, नायब तहसीलदार सासनी के यहां 100, सहायक आयुक्त स्टांप हाथरस के यहां 25, जिला पंचायतराज अधिकारी के यहां 1300, डिप्टी कमिश्नर वाणिज्यकर के यहां 50, उप संभागीय परिवहन अधिकारी के यहां 1500, जिला समाज कल्याण अधिकारी के यहां 500, जिला पूर्ति अधिकारी के यहां 250, जिला समन्वयक मनरेगा के यहां 50, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी के यहां 20, श्रम प्रवर्तन अधिकारी के यहां 50, बाट माप निरीक्षक के यहां 50, नगर निकाय हाथरस में 6500, अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड हाथरस में 250, लीड बैंक प्रबंधक के यहां 3000, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड हाथरस के यहां 10, समस्त मंडी समिति सचिव के यहां कुल 10 वाद सहित कुल 25,745 वाद लंबित हैं।