न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शासन ने बीते दिनों मंडी टैक्स को एक प्रतिशत करने का आदेश तो जारी कर दिया, लेकिन अभी तक इसकी अधिसूचना जारी नहीं की गई है और न हीं मंडी समिति में टैक्स कम होने से संबधित कोई पत्र आया है। इस कारण करीब 200 आढ़तिया बढ़े हुए टैक्स की मार झेल रहे हैं। उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के पदाधिकारियों ने इस बारे में सीएम को पत्र भेजा है। पत्र में बढ़ा हुआ जो टैक्स अब तक जमा हुआ है, उसे वापस करने की मांग की गई है।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने हाल ही में किसानों की आय को दोगुना करने के लिए पूर्व में 46 तरह की फल और सब्जियों को मंडी शुल्क से बाहर कर दिया है। मंडी शुल्क को दो प्रतिशत से घटाकर हाल ही में एक प्रतिशत किया गया है। करीब एक माह बीतने के बाद भी मंडी में अभी तक टैक्स कम करने से संबंधित कोई पत्र नहीं आया है।
इस कारण आज भी मंडी के 200 आढ़तियां दो प्रतिशत शुल्क व आधा प्रतिशत विकास शुल्क दे रहे हैं। इस कारण व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। व्यापार मंडल ने सीएम को भेजे पत्र में अब तक जमा की गई टैक्स की बकाया राशि को वापस करने की मांग की है। मंडी सचिव यशपाल सिंह का कहना है कि अभी तक अधिसूचना जारी नहीं हुई है। इस कारण पुराना टैक्स लिया जा रहा है।