हाथरस : सड़क के किनारे खड़े ट्रक व अन्य बड़े वाहन। संवाद
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
पहाड़ों पर हो रही बर्फवारी व सर्दी के सितम के चलते करोड़ों रुपये का ट्रांसपोर्ट कारोबार प्रभावित हुआ है। पहाड़ी क्षेत्रों की ओर लोडर वाहन रुख नहीं कर रहे हैं। हरिद्वार, देहारादून, हिमाचल आदि राज्यों को हाथरस से माल आवागमन होता है। अब कारोबारियों को पौष माह की समाप्ति के बाद फरवरी में शुरू होने वाली सहालग से आमदनी की आस है।
उल्लेखनीय है कि हाथरस जिले में भले ही ट्रांसपोर्ट सिस्टम दुरुस्त नहीं है। इस कारण कारोबारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। खास बात यह है कि यहां ट्रांसपोर्ट का कारोबार अच्छा खासा है। हाथरस से हरिद्वार के लिए अचार, मुरब्बा और नमकीन आदि सामान जाता है। जम्मू व हिमाचल से मेवा और फल आते हैं। इन-दिनों को पहाड़ों पर हो रही बर्फवारी का सीधा असर ट्रांसपोर्ट कारोबार पर पड़ा है। सर्दी के सितम व कोहरे के कारण गाड़ियां नहीं चल पा रही हैं।
यहां तक कि रात में कोहरे के कारण गाड़ियों का संचालन नहीं हो पा रहा है। इस कारण ट्रांसपोर्ट कारोबार को 15 दिन में 20 से 25 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसे लेकर ट्रांसपोर्ट कारोबारी खासे परेशान हैं। संवाद
पहाड़ों पर हो रही बर्फवारी के कारण माला का आवागमन प्रभावित है। कोहरे के कारण रात में गाड़ियों का संचालन प्रभावित हो रहा है। 15 दिन में 20 से 25 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित है। अब फरवरी में सहालग की शुरुआत के साथ कारोबार की सेहत सुधरने की उम्मीद है।
- बंशी पंडित, युवा जिलाध्यक्ष ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन