न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में 160 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवनों के निर्माण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी अभी तक मिनी सचिवालय के रूप में पंचायत भवनों का संचालन शुरू नहीं हो सका है। ग्राम पंचायतों की ओर से अभी तक इन पंचायत भवनों के संचालन के लिए फर्नीचर व अन्य जरूरी सामान की खरीद तक नहीं की गई है। इस कारण ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए शहर का रुख करना पड़ रहा है।
जिले में निर्मित हो चुके पंचायत भवनों में ग्राम पंचायतों की ओर से अभी तक फर्नीचर व अन्य सामान की खरीद नहीं की गई है। इस कारण इन पंचायत भवनों के माध्यम से ग्रामीणों को मिलने वाले लाभ नहीं मिल पा रहा है। पंचायत सहायक भी कार्यालय निर्धारित न हो पाने के कारण ग्राम पंचायतों में रुक नहीं रहे हैं। इस कारण ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए शहर की ओर से जाना पड़ रहा है। जिले में 463 के सापेक्ष महज 163 ग्राम पंचायतों में फर्नीचर व अन्य सामानों की खरीद हो सकी है।
हैरानी की बात यह है कि 61 ग्राम पंचायतों में पंचायत घर जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं। इन पर मरम्मत का कार्य चल रहा है। दूसरी ओर, 160 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवनों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, लेकिन आदेशों के बावजूद ग्राम प्रधान व सचिव के माध्यम से सामान की खरीद नहीं की गई है। जिला पंचायतराज अधिकारी (डीपीआरओ) जीडी जैन ने बताया कि सामान खरीद न करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। संवाद