संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
ऑक्सीजन के अभाव में अब जिले में किसी मरीज की मौत नहीं होगी। जिले में स्थापित तीनों प्लांटों में एक मिनट में 1500 लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन होगा। बता दें कि कोराना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन को लेकर हाहाकार मचा हुआ था। अस्पतालों में मरीजों को बेड नहीं मिल रहे थे।
वेंटीलेटर व आईसीयू के अभाव में मरीजों की जिंदगी खत्म हुई थी। इनसे सबक लेते हुए जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का काफी विस्तार हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की कोशिश यह है कि हर बेड तक ऑक्सीजन पहुंचे।
दूसरी लहर के बाद हुए पुख्ता इंतजाम
दूसरी लहर के बाद जिले में ऑक्सीजन के तीन प्लांट स्थापित किए गए। एक हजार लीटर क्षमता का आक्सीजन प्लांट एमडीटीबी अस्पताल में लगा। यह स्टार्ट होने के पांच मिनट पर ऑक्सीजन बनाना शुरू कर देता है। इसी तरह 250 लीटर का मुरसान में, 250 लीटर क्षमता का सिकंदराराऊ में ऑक्सीजन प्लांट लगा।
एमडीटीबी अस्पताल में चालीस बेड का पीकू वार्ड बनाया गया। सहपऊ, सिकंदराराऊ में पीकू वार्ड तैयार किया गया। इसके अलावा महौ, हसायन, सहपऊ, सासनी में इलेवन हॉस्पिटल बनाए गए। इन अस्पतालों में 28-28 आक्सीजन बेड है। दो-दो अतिरिक्त में है। 24 वेंटीलेटर सक्रिय हालत में है। इसके अलावा 280 ऑक्सीजन कंसट्रेशन है। यह कंसट्रेशन जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी में दस से पंद्रह की संख्या में मौजूद हैं।
अब तक 17 लाख के सापेक्ष 14 लाख लोगों को लगा टीका
जिले में 17 लाख लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य था। इसमें लगभग 14 लाख लोगों को टीके लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा बूस्टर डोज भी बड़ी संख्या में लग चुकी है। स्वास्थ्य कर्मियों के सौ प्रतिशत, फ्रंटलाइन वर्कर के पहली व दूसरी के अलावा तीसरी डोज लगाने का काम 140 प्रतिशत हो चुका है।
साठ साल से ऊपर वाले लोगों को सौ प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। 45 से अधिक वालों को प्रथम व दूसरी डोज करीब सौ प्रतिशत लग चुकी हैं। 18 वर्ष से ऊपर के आयु वालों के पहली डोज 101 प्रतिशत लग चुकी है। दूसरी डोज 99 प्रतिशत लग चुकी है। इसके अलावा चुनाव में बाहर से आए फोर्स को भी जिला अस्पताल की ओर से बूस्टर डोज प्रदान की गई।
बच्चों के डोज में परीक्षा डाल रही खलल
वैक्सीनेशन का काम चरणबद्ध तरीके से चल रहा है। अब बच्चों के डोज लगाने की तिथि 12 मार्च नियत की गई थी। उससे पहले दस मार्च से परीक्षा शुरू हो गई। इस कारण बच्चों के डोज में स्वास्थ्य विभाग को परेशानी आ रही है। अब तक मात्र 16 प्रतिशत बच्चों को वैक्सीन की डोज दी गई है।
स्कूलों में वैक्सीनेशन लगाने पर विचार हुआ तो अधिकांश प्रधानाचार्यों से यह बात रखी कि बच्चों के वैक्सीनेशन की डोज उनके अभिभावकों के सामने लगाई जाए। इसके लिए अब स्वास्थ्य विभाग गांव गांव अभियान चलाएगा। साथ ही स्कूल कॉलेजों से संपर्क कर अभियान को गति देने की कार्य योजना तैयार की जा रही है।
- जिले में तीन आक्सीजन प्लांट हैं। जिसमें एक एक हजार लीटर, दो ढाई सौ लीटर क्षमता के हैं। इसके अलावा वेंटीलेंटर, आईसीयू वार्ड, पीकू वार्ड सब सक्रिय स्थिति में हैं। 280 आक्सीजन कंसट्रेशन हैं। जो जिला अस्पताल के अलावा सीएचसी व पीएचसी पर सक्रिय हैं। वैक्सीनेशन भी काफी लोगों का हो गया है। - डॉ. अनिल सागर वशिष्ठ, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, हाथरस।