न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोरोना संक्रमण के चलते बिजली विभाग के राजस्व में भी जबर्दस्त गिरावट आई है। संक्रमण से बचने के लिए लोग घरों में अधिक रह रहे हैं। इस कारण बिजली का उपभोग बढ़ा है। अप्रैल माह में जिले में करीब 15 प्रतिशत बिजली की खपत बढ़ी है, लेकिन इसके सापेक्ष राजस्व न आने से विभागीय अधिकारी खासे परेशान हैं।
उल्लेखनीय कि बिजली विभाग द्वारा हर माह शहर के 33 हजार उपभोक्ताओं को करीब 12 मिलियन बिजली दी जाती है। गर्मी बढ़ने व कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण इन-दिनों लोग घरों से बाहर कम ही निकल रहे हैं। इस कारण घरों में बिजली का प्रयोग ज्यादा बढ़ गया है। एक अनुमान के मुताबिक शहर में बिजली की खपत तकरीबन 15 प्रतिशत तक बढ़ी है।
हालांकि अधिकारी इस माह के अंत तक खपत की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। शहर के करीब 1,500 लोगों पर बिजली महकमे का करीब लाख रुपये का राजस्व बकाया है। ओटीएस में भी इन लोगों ने बकाया जमा नहीं किया है। इससे लगता है कि विभाग का राजस्व काफी कम हुआ है। अब विभागीय अधिकारी राजस्व बढ़ाने की योजना तैयार कर रहे हैं, ताकि खपत के सापेक्ष बकाया निकलकर आ सके। अधिशासी अभियंता सुभाष चंद्रा का कहना है कि शहर में करीब 12 मिलियन यूनिट बिजली की आपूर्ति होती है। कोरोना काल और गर्मी के चलते करीब 15 प्रतिशत बिजली की खपत बढ़ गई है।