हाथरस जंक्शन रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के इंतजार में बैठे यात्री। संवाद
- फोटो : Samvad
लगातार तीसरे दिन भी हाथरस-दिल्ली और टूंडला-अलीगढ़-दिल्ली पैसेंजर ट्रेनों के निरस्त रहने से दैनिक यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हाथरस किला और हाथरस जंक्शन से दिल्ली, अलीगढ़ और आसपास के स्टेशनों के लिए सफर करने वाले यात्रियों को निराश होकर लौटना पड़ा या फिर अन्य साधनों से सफर करना पड़ा।
सोमवार देर रात हुए रेल हादसे के बाद जहां अधिकांश एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन सामान्य हो चुका है, वहीं पैसेंजर और ईएमयू ट्रेनों के लगातार निरस्त रहने से यात्रियों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। अलीगढ़ से संचालित होने वाली ईएमयू सेवाएं भी प्रभावित रहने के कारण रोजाना नौकरी, व्यापार और पढ़ाई के लिए आने-जाने वाले लोगों के पैसे और समय की बर्बादी हो रही है।
इस बीच यात्रियों के बीच ट्रेनों के निरस्तीकरण को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से जोड़कर भी देखा जा रहा है। चर्चा है कि हाथरस, अलीगढ़, खुर्जा, दनकौर समेत आसपास के क्षेत्रों से युवाओं के दिल्ली पहुंचने पर रोक लगाने की कोशिश के तहत ऐसा किया जा रहा है।
यात्रियों ने मांग की है कि यदि एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन सामान्य हो चुका है तो दैनिक यात्रियों की सुविधा के लिए पैसेंजर और ईएमयू ट्रेनों का संचालन भी जल्द बहाल किया जाए, ताकि हजारों लोगों को हो रही परेशानी से राहत मिल सके। उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार ने बताया कि यातायात दबाव के चलते ट्रेनों को निरस्त किया जा रहा है। संवाद