राज्य जीएसटी मुख्यालय के निर्देश पर विशेष अनुसंधान शाखा मथुरा व अलीगढ़ की टीम ने बृहस्पतिवार को संयुक्त रूप से सलेमपुर औद्योगिक आस्थान में संचालित मिल्क प्रोडक्ट की दो फर्मों पर छापा मार कर जांच शुरू की। कार्रवाई में हाथरस, कासगंज और एटा की दो-दो टीमों को भी शामिल किया गया। कार्रवाई के चलते पूरे सलेमपुर औद्योगिक क्षेत्र में खलबली मच गई।
मुख्यालय को इन मिल्क प्रोडक्ट फैक्टरियों में बड़े स्तर पर कर चोरी की जानकारी मिली। लेनदेन और ऑनलाइन रिटर्न की जांच के दौरान कर इसके संकेत मिले थे। प्राथमिक स्तर पर कुछ वित्तीय आंकड़ों में अंतर सामने आने के बाद मुख्यालय ने विशेष अनुसंधान शाखा मथुरा व अलीगढ़ को संयुक्त रूप से फर्मों की जांच के लिए आईएनएस-01 जारी किया, जिसके बाद विशेष अनुसंधान शाखा की टीम ने कार्रवाई शुरू की।
दोपहर करीब तीन बजे टीम फर्मों के परिसर पर पहुंची। इन फर्मों के कार्यालयों और गोदामों के प्रवेश व निकास पर निगरानी बढ़ा दी गई। अधिकारियों ने लेखा अभिलेख, खरीद-बिक्री रजिस्टर, जीएसटी रिटर्न और ऑनलाइन डेटा की जांच शुरू की।
कंप्यूटर सिस्टम, हार्ड डिस्क और कच्चे हिसाब-किताब से जुड़े पर्चों को कब्जे में लिया। अधिकारियों ने फर्मों के कर्मचारियों से पूछताछ कर स्टॉक रजिस्टर का मिलान कराया। गोदामों में रखे तैयार माल और कच्चे माल का भौतिक सत्यापन किया। जांच बृहस्पतिवार देर रात तक जारी थी।
राजनैतिक हस्तक्षेप से रुकी रही जांच
सूत्रों की मानें तो मिल्क प्रोडक्ट की एक फर्म के संचालन में दूसरे प्रदेश के राजनैतिक लोगों का हस्तक्षेप है। जांच शुरू करने से पहले ही अधिकारियों को एक फर्म पर राजनैतिक हस्तक्षेप का सामना करना पड़ा। इस मामले में जांच शुरू हो सकी या नहीं। इस पर अधिकारियों द्वारा स्पष्ट उत्तर नहीं दिया जा रहा।
प्रदेश से बाहर आपूर्ति के चलते निगाह में आईं फर्में
सूत्र बता रहे हैं कि जिन फर्मों पर कार्रवाई की जा रही है, उनके द्वारा अपने कुल उत्पादन का 90 फीसदी से अधिक माल प्रदेश से बाहर भेजा जा रहा था। इसी बात से यह फर्में रडार पर आईं हैं।
हम किसी फर्म का नाम बताकर उसे बदनाम नहीं कर सकते। मैं वास्तव में उन फर्मों का नाम बताने की स्थिति में नहीं हूं, लेकिन यह बात सही है कि कुछ जगहों पर छापा कार्रवाई चल रही है।
अनिल कुमार राम त्रिपाठी, एडीशनल कमिश्नर ग्रेड-2, अलीगढ़।