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Hathras News: जमीन पर बीमारियां फैलाने का पूरा इंतजाम, कागजों में सिमटा अभियान

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शहर के मोहल्ला श्रीनगर नई बस्ती में व्याप्त गंदगी व जलभराव। संवाद - फोटो : Samvad
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विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का आगाज हो गया है, लेकिन शहर के हालात ऐसे हैं कि बीमारियों का नियंत्रण नहीं, बल्कि इन्हें फैलाने की पूरी व्यवस्था है। जगह-जगह जलभराव, कीचड़ व झाड़ियां मच्छरों के लिए अनुकूल बन चुकी हैं, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा कई गुना बढ़ गया है। शहर से लेकर गांवों तक लोग परेशान हैं। शहर में कई मोहल्लों में लोग बुखार सहित अन्य बीमारियों से जूझ रहे हैं।
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विडंबना यह है कि जिन स्वास्थ्य केंद्रों के जिम्मे जनता को निरोगी रखने का भार है, उनमें से कई खुद देखरेख के अभाव में झाड़ियों से ढके हैं। अस्पतालों के आस-पास उगीं ये झाड़ियां मच्छरों और कीड़े-मकोड़ों की सुरक्षित पनाह हैं, जिससे मरीज और तीमारदार भी संक्रमण के साए में आ रहे हैं। चंदपा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मुरसान के गांव करील स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर झाड़ियां और गंदगी फैली है। कैमार स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर जलभराव और गंदगी है।




डरे लोग खुद करा रहे मलेरिया-डेंगू की जांच

शहर में रमनपुर की पुरानी बस्ती में जलभराव व कीचड़ है। यहां रहने वाले भोजराज ने बताया कि मोहल्ले में सफाई ही नहीं होती। जलनिकासी की व्यवस्था नहीं है। बच्चे व बुजुर्ग बार-बार बुखार की चपेट में आ रहे हैं। डर के कारण मलेरिया व डेंगू की जांच करानी पड़ती है।
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श्रीनगर नई बस्ती में ज्ञानगढ़ बगीची से चक्की तक जलभराव है, कूड़े का ढेर पड़ा रहता है। यहां रहने वाले नत्थीलाल ने बताया कि कई महीनों से स्थिति बदहाल है। इसी गंदगी से होकर गुजरना पड़ता है। गंदगी के चलते आसपास बीमारियां फैल रही हैं।

तरफरा रोड गणेश मंदिर के रास्ते पर लंबे समय से कीचड़ व जलभराव है। मंदिर व्यवस्थापक रोहित शर्मा ने बताया कि लोगों को आने-जाने में दिक्कत होती है। लंबे समय से गंदगी होने के कारण यहां बीमारियां फैलने का डर भी बना हुआ है।

इसी तरह टाप रोड, गिजरौली, पॉलिटेक्निक मैदान, तमना गढ़ी, विजय नगर, नगर पालिका मार्केट के सामने गंदगी नजर आई। कोतवाली सदर में भी जलभराव व गंदगी है, जहां आने वाले फरियादियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।-





विभागीय तालमेल जमीन पर जीरो
संचारी रोग नियंत्रण अभियान के लिए जरूरी विभागीय तालमेल भी जमीन पर जीरो है। शासकीय आदेश के तहत नगर विकास और पंचायती राज विभाग को नालियों की सफाई, खुली नालियों को ढकने, एंटी-लार्वा रसायन का छिड़काव, फॉगिंग और उथले हैंडपंपों को लाल रंग से चिह्नित करने की जिम्मेदारी दी गई थी। कृषि व सिंचाई विभाग को नहरों व तालाबों के किनारे से वनस्पतियां हटाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन ब्लॉक से लेकर जिला स्तर तक इन विभागों की सुस्ती साफ देखी जा सकती है। नालियां चोक हैं, सड़कों पर पानी बह रहा है और कचरा निस्तारण की व्यवस्था बेपटरी हो चुकी है।




मानसून के मद्देनजर शहर के नाले-नालियों की सफाई कराई गई है। जहां-जहां जलभराव है, वहां जलनिकासी की व्यवस्था कराई जा रही है। शहर की सफाई पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है।
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रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद हाथरस।
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