अनाज घोटाले में विभागीय स्तर से बनाई जांच टीम दो आधार कार्डों को स्कैन कर पड़ताल में जुटी हुई है। इन आधार कार्डों की जांच पूरी होने पर हाथरस शहरी क्षेत्र के चार कोटेदारों के खिलाफ कार्रवाई होना लगभग तय माना जा रहा है।
दूसरी ओर सभी कोटेदार अपने रिकार्डों को पूरा करने में जुटे हुए है। इस मामले में विभाग की ओर से सादाबाद के दो, सिकंदराराऊ के एक कोटेदार व एक कम्प्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
शासन की ओर से पांच आधार कार्डों से 1064 राशन कार्डों के खाद्यान्न की कालाबाजारी की जा रही थी। इसे लेकर शासन स्तर से सूची विभाग को भेजी गई थी। अब इन पांच आधार कार्डों में से तीन आधार कार्डों से हो रहे खाद्यान्न घोटाले का तो विभाग ने पर्दाफाश कर दिया है। अब जांच टीम दोनों आधार कार्डों की स्कैनिंग में जुट गई है। इस स्कैनिंग के पूरी होने के बाद शहर के चार बड़े कोटेदारों पर विभागीय स्तर से एफआईआर दर्ज की कार्रवाई कराई जा सकती है।
विभाग ने इन कोटेदारों के डाटा को भी स्कैन कर लिया है। इस डाटा में भी संदिग्धता मिली है। इसके कारण यह कोटेदार संदेह के घेरे में आ खड़े हुए है। वही शासन स्तर से 85 कार्डों की दूसरी सूची भेज दी गई है। इस सूची को लेकर भी जांच शुरू हो गई है।
शहरी क्षेत्र में प्रॉक्सी माध्यम से खाद्यान्न वितरण
जिले के शहरी क्षेत्रों में खाद्यान्न वितरण के लिए डीएसओ सुरेंद्र यादव ने सभी कोटेदारों को निर्देश जारी कर दिए है। इस निर्देशानुसार कोटेदारों को प्रॉक्सी माध्यम खाद्यान्न का वितरण करना होगा। यह वितरण प्रक्रिया 28 से 31 अगस्त के मध्य की जाएगी। यह वितरण प्रक्रिया नामित निर्धारित सदस्यों की देखरेख में की जाएगी। उन्होंने कहा है कि आधार कार्ड की उपलब्धता न होने की दशा में किसी भी पहचान पत्र के जरिए कार्डधारक को राशन दिया जाएगा। उन्होंने कहा है कि कोई भी पात्र इस लाभ से वंचित न रह सके।