29 अगस्त से शहर के बीचोबीच तालाब रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण शुरू हो जाएगा। इसी को दृष्टिगत रखते हुए तालाब रेलवे क्रासिंग 29 अगस्त से बंद हो जाएगी। पुल निर्माण की अवधि करीब दो साल मानी जा रही है।
ऐसे में यह फाटक बंद रहेगा और अन्य रूटों से होकर वाहनों को निकाला जाएगा। शहर में प्रवेश करने वाली रोडवेज बसों को करीब 13 किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी, तब वह अलीगढ़ से शहर में आएंगी और जाएंगी। रोडवेज ने इसे लेकर सोमवार को सर्वे भी कराया। ऐसे में यह तय है कि रोडवेज की बसों के किराए में वृद्धि हो जाएगी। इधर, मथुरा-बरेली राजमार्ग यथावत उसी रास्ते से चलता रहेगा।
शहर में लंबे समय से पूर्वोत्तर रेलवे के तालाब रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज की मांग की जा रही थी। अब उ.प्र.राज्य सेतु निगम द्वारा 29 अगस्त से यह निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। जब तक ओवरब्रिज नहीं बनेगा, तब तक शहर का तालाब चौराहे का रेलवे फाटक बंद रहेगा। यह काम करीब दो साल में पूरा होगा तो माना जा रहा है कि दो साल तक यह रेलवे क्रांसिग नहीं खुलेगी।
ऐसे में शहर के लोगों को काफी परेशानी झेलनी होगी। चार दिन पहले एआरटीओ, प्रशासन और रोडवेज के अधिकारियों ने एक बैठक कर यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने रूपरेखा तय की थी। इसके अनुसार तालाब रेलवे फाटक के बंद होने पर छोटे वाहनों को बागला कॉलेज मार्ग से निकाला जाएगा। यहां थोड़ी ऊंचाई में बैरियर भी लगा दिए जाएंगे, जिससे कि वहां से ट्रक, बस आदि बड़े वाहन न निकल सकें। स्कूली बसों को इगलास रोड रेलवे फाटक से निकाला जाएगा। इससे स्कूली वाहनों को भी काफी दूरी तय करनी होगी।
इधर, रोडवेज बसों का आवागमन तालाब चौराहे से तो बंद हो जाएगा। रोडवेज बसों का परिचालन रोडवेज बस स्टैंड से होगा। आगरा जाने वाली बसें तो सीधे आगरा को बस स्टैंड से चली जाएंगी लेकिन जो बसें अलीगढ़ जाएंगी तो वह पहले आगरा रोड बाईपास नगला भुस जाएंगी और फिर वहां से अलीगढ़ के लिए मुड़ेंगी। यही स्थिति शहर में आने वाली बसों की भी होगी। यह भी नगला भुस होकर शहर में अंदर प्रवेश करेंगी।
सोमवार को एआरएम जीएस शर्मा ने एक सर्वे कराया। इसमें यह बात सामने आई कि इन बसों को 13 किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी। ऐसे में इन बसों का किराया भी बढ़ेगा और अलीगढ़ की ओर जाने व आने वाले यात्रियों को अतिरिक्त किराया देना होगा। एआरएम ने बताया कि सर्वे की रिपोर्ट आरएम को भेज दी है। उनके स्तर व शासन स्तर से यह फैसला होगा कि कितना किराया बढ़ाया जाएगा।