फर्जी तरीके से 24 लाख में खरीदे छह हजार सीमेंट के बोरे
डीपीआरओ की जांच में हुआ खुलासा
पंचायत सचिव पर लगा था फर्जी हस्ताक्षर से ग्राम पंचायत के खाते धनराशि निकालने का आरोप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। जिले में इन-दिनों घोटालों के खुलासे का सिलसिला जारी है। अब एक वित्तीय अनियमितता ने विभागीय अधिकारियों के पांव तले जमीन खिसका दी है। ग्राम पंचायत चंद्रगढ़ी में 24 लाख रुपये से छह हजार सीमेंट के बोरों की खरीद का मामला जांच में सामने आया है। पिछले दिनों ग्राम चंद्रगढ़ी के प्रधान पंचायत सचिव पर ग्राम प्रधान के फर्जी हस्ताक्षर से 24 लाख रुपये का गबन किए जाने का आरोप लगाया था।
इस मामले में डीपीआरओ ने पंचायत सचिव सहित अन्य लोगों के बयान दर्ज कर लिए हैं और साक्ष्य एकत्रित कर लिए हैं। विभागीय अधिकारी यह जांच में जुटे हैं कि इन सीमेंट के बोरों को किसने खरीदा और ग्राम पंचायत में इनका इस्तेमाल कहां किया गया।
पिछले दिनों ग्राम पंचायत चंद्रगढ़ी के ग्राम प्रधान राम रतन सिंह ने पंचायत सचिव पर फर्जी हस्ताक्षर कर 13 चेक के माध्यम से 24 लाख रुपये की धनराशि निकाले जाने की शिकायत डीएम से की थी। जांच के लिए डीपीआरओ को नामित किया। डीपीआरओ ने मामले में पंचायत सचिव को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने व साक्ष्य देने के निर्देश दिए। इस क्रम में पंचायत सचिव ने साक्ष्यों के साथ अपना पक्ष जांच अधिकारी के समक्ष रख दिया है। कई बिंदुओं पर डीपीआरओ बनवारी सिंह ने अपनी जांच आख्या दे दी है। जांच में सामने आया है कि 24 लाख रुपये से 6 हजार सीमेंट के बोरे खरीदे गए हैं। यह सभी बोरे एक ही फर्म से खरीदे गए हैं। इस फर्म स्वामी के बयान भी दर्ज कर लिए गए हैं।
डीपीआरओ बनवारी सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वो चौकाने वाले हैं। जल्द ही पूरे मामले की जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी जाएगी। उन्होंने बताया कि छह हजार सीमेंट के बोरे ग्राम पंचायत के किस हिस्से में लगे, यह भी देखा जाएगा। सीमेंट का इतना कार्य किस कार्ययोजना और वर्क आईडी पर हुआ, इसकी भी जांच की जा रही है। बैंक अधिकारियों के बयान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।