मकान में मैनेजर को पकडकर लाने वाले चारों लोगों के नाम एक दूसरे की बातों में गोलू ठाकुर उर्फ यश, गौरव, गोलू उर्फ अंशुल व प्रशान्त सुने थे, जो अपने आप को छतारी बुलंदशह का बता रहे थे। इनके अलावा विक्की, सूजल कुमार, करण बिष्ट, विशाल कुमार व विरेन्द्र जो अल्मोडा के रहने वाले थे, ने मैनेजर को बन्धक बनाकर रखा। मैनेजर को यह कहकर गाड़ी मे बिठाए गया था कि तुम्हारे घरवाले आज पैसा देंगे। गाडी में गोलू ठाकुर उर्फ यश, गौरव, विक्की व विशाल कुमार उर्फ लाटा थे। सूजल कुमार व करण बिष्ट एक स्कूटी से थे। गोलू उर्फ अंशुल, प्रशान्त और विरेन्द्र अलग किसी वाहन से थे।
एटीएम से निकालने गए पैसे
अपहरकर्ता स्विफ्ट गाड़ी में बैठाकर रामपुर लेकर आये, वहां पर मैनेजर के एटीएम से पैसे निकालने की कोशिश की। मैनेजर ने एटीएम का पिन गलत बता दिया था तो पैसे नहीं निकल सके। इस पर मैनेजर को मारा-पीटा गया। उसके बाद यह लोग मुरादाबाद में बस स्टैण्ड के पास आये । स्विफ्ट गाडी से गोलू ठाकुर उर्फ यश उतरकर मैनेजर के परिजनों से रुपये लिये। गाड़ी में बैठकर अपने साथियों को रुपये देकर गिनने के लिये कहा। पूरे रास्ते यह लोग मैनेजर के ऊपर पिस्टल लगाकर रखते थे तथा कोई भी हरकत करने पर जान से मारने की धमकी देते थे।
मैनेजर अभिनव भारद्वाज की सकुशल बरामदगी व अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए थाना पुलिस, स्वॉट, सर्विलॉस टीम सहित 4 टीमों को लगाया गया। एसटीएफ की नोएडा यूनिट के साथ हाथरस पुलिस की टीमों ने समन्वय स्थापित किया। अपहरणकर्ताओं ने मैनेजर के परिजनों को व्हाट्सएप पर फोन करके पुनः 20 लाख रुपये फिरौती की रकम मांगी। आज प्रातः मुरादाबाद बस अड्डे के पास फिरौती की रकम देने के लिये अपहरणकर्ताओं ने पीड़ित के परिजनों को फोन किया। हाथरस पुलिस टीम व एसटीएफ गौतमबुद्धनगर की टीम मुरादाबाद पहुंच गई। सुबह तड़के 04.30 बजे एक स्विफ्ट कार बस अड्डे के सामने से गुजरी, जिस पर पुलिस टीम को संदेह हुआ। एक स्कूटी भी निकलती दिखाई दी।
स्विफ्ट कार से एक व्यक्ति उतरकर मैनेजर के परिजनों के पास गया और थैले में रखे रुपयों को लेकर वापस गाड़ी में बैठ गया। वहां से गाड़ी को रामपुर को ओर तेजी से बढ़ा दिया गया। पुलिस टीम को गाड़ी में 5 लोग बैठे दिखे, जिसमें मैनेजर अभिनव भी दिखा। फिरौती की रकम लेने के बाद भी मैनेजर को नहीं छोड़ा गया । पुलिस ने स्विफ्ट कार का पीछा किया।
फिल्मी स्टाइल में अपहरणकर्ताओं की पुलिस से मुठभेड़
स्विफ्ट कार में बैठे अपहरणकर्ताओं ने पुलिस टीम पर फायर किया । पुलिस ने स्विफ्ट कार के टायरों पर गोली चलाई। इसके बाद भी स्विफ्ट कार चालक कार को घुमाकर मुरादाबाद की ओर भगा दिया। तभी स्विफ्ट कार का टायर पंचर हो गया, पर चालक कार को भगाता रहा। कार में बैठे लोग लगातार पुलिस पर फायर कर रहे थे। पुलिस ने भी फायरिंग की। जिससे घबराकर अभियुक्तों ने घने कोहरे का फायदा उठाकर बांऐ एक गली में स्विफ्ट कार को मोड़ दिया। गाड़ी में पीछे बैठे विशाल की गर्दन के पास गोली लगी। अपहरणकर्ता गाड़ी को खड़ी करके उतरकर भाग गए। पुलिस ने स्विफ्ट कार की घेराबन्दी की। पुलिस ने जाकर देखा तो कार में मैनेजर अभिनव भारद्वाज मिला।
अपहरणकर्ता मैनेजर को गाड़ी में छोड़कर मुख्य सड़क की तरफ भागे। पुलिस ने कांबिग कर पीली कोठी चौराहे के पास सड़क के किनारे से अभियुक्त सूजल कुमार व करण विष्ट को गिरफ्तार कर लिया। दोनों ने पुलिस को अन्य के बारे में बताया। तभी मुरादाबाद के थाना सिविल लाइन से सूचना मिली कि शनि मन्दिर के पास से गोली से घायल व्यक्ति को पीआरवी ने सिविल अस्पताल में भर्ती कराया है, जिसका नाम विशाल कुमार है। अपहरण का मास्टरमाइंड यश उर्फ गोलू राघव को थाना पाकबड़ा जनपद मुरादाबाद क्षेत्र से दबोच लिया गया।