बरहन रेलवे स्टेशन पर दुर्घटना के बाद रेल लाइन पर पडे मालगाड़ी के डिब्बे।
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बरहन-मितावली रेलवे स्टेशन के बीच मंगलवार सुबह मालगाड़ी के कई पहिए पटरी से उतर गए। जिसके के कारण कई घंटे तक रेल यातायात बाधित रहा। अफसराें ने एक दर्जन से अधिक यात्री और मालगाड़ियाें के रूट बदल दिए। हाथरस के आसपास पहुंची स्वतंत्रता सेनानी और मगध एक्सप्रेस को रेलवे अफसरों ने वापस बुलाकर गाजियाबाद के रास्ते पलवल, आगरा टूंडला रवाना किया।
टीएडी पैसेंजर ट्रेन अलीगढ़ में रोक दी। टिकट के पूरे पैसे वापस न होने पर यात्रियाें ने जमकर हंगामा किया। मौके पर पहुंचे डीटीएम और आरपीएफ ने यात्रियों को समझाकर पूरा पैसा वापस कराया। बरहन-मितावाली पर मंगलवार सुबह मालगाड़ी के कई डिब्बे पटरी से उतर गए, जिससे रेल यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया।
अधिकांश रेलवे अफसराें को इसकी जानकारी काफी देर बाद हुई, लेकिन तब तक दर्जनों यात्रियाें ने अलग अलग ट्रेनों के टिकट ले लिए थे। इस बीच स्टेशन मास्टर की ओर से लिखित सूचना (मीमो) टिकट बुकिंग काउंटरों पर भेजी गई साथ ही यह भी बताया गया कि कुछ ट्रेनाें के टिकट न बांटे जाएं। काफी देर तक जब ट्रेनें नहीं आई तो यात्री परेशान होने लगे।
उन्होंने रेलवे के पूछताछ काउंटर पर ट्रेन के संबंध में जानकारी की। वहां पता चला कि बरहन में डीरेलमेंट हो गया है, जिसकी वजह से ट्रेनें नहीं आ रही हैं। यात्रियों ने आरोप लगाया कि जब टिकट का रिफंड लेने पहुंचे तो उन्हें टिकट वापसी का पैसा काट कर भुगतान किया जा रहा है। गुस्साए यात्रियाें की भीड़ स्टेशन मास्टर कार्यालय पहुंच गई, जहां जमकर हंगामा हुआ। हंगामा की खबर पर मंडल यातायात प्रबंधक (डीटीएम) राजेंद्र कुमार और आरपीएफ, जीआरपी स्टाफ पहुंच गया। जिन्होंने यात्रियाें को समझाया कि पैसा पूरा दिया जाएगा।
इसके बाद यात्रियाें के टिकट का पूरा भुगतान किया गया। डीटीएम ने बताया कि दिल्ली जाने वाली पहली गाड़ी मालगाड़ी दोपहर करीब 12:10 पर स्थानीय रेलवे स्टेशन से गुजरी, इसके बाद मंडुआडीह एक्सप्रेस 12:47 पर आई, यात्रियाें के खानपान को ध्यान में रखते हुए इसे तीन मिनट रोका गया। इसके बाद धीरे-धीरे कानपुर-दिल्ली रूट पर यातायात सामान्य हो गया।