बसंत पंचमी पर इस बार खास चार शुभ मुहूर्त बन रहे हैं, जो लोगों को सुख-समृद्घि प्रदान करेंगे। आचार्य सीपू महाराज ने बताया कि बसंत पंचमी पर शिव योग, सिद्घ योग, रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग के अद्भुत मुहूर्त बन रहे हैं।
26 जनवरी को माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी पर्व मनाया जाएगा। बसंत पंचमी पर इस बार खास चार शुभ मुहूर्त बन रहे हैं, जो लोगों को सुख-समृद्घि प्रदान करेंगे। आचार्य सीपू महाराज ने बताया कि बसंत पंचमी पर शिव योग, सिद्घ योग, रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग के अद्भुत मुहूर्त बन रहे हैं।
विज्ञापन
बसंत पंचमी सबसे पहले शिव योग बन रहा है। हिंदू पंचांग में शिव योग का विशेष महत्व है। यह योग तड़के 3:10 बजे से जो दोपहर तीन बजकर 29 मिनट तक रहेगा। उन्होंने बताया कि दिन, तिथि और नक्षत्र के मिलने पर सिद्ध योग निर्मित होता है। इस योग का आरंभ शिव योग पूर्व होने जाएगा, जो पूरी रात रहेगा। सिद्धि योग के तहत किए गए किसी भी कार्य से शुभ परिणामों की प्राप्ति होगी।
उन्होंने आगे बताया कि रवि योग तब बनता है, जब चंद्रमा सूर्य से चार नक्षत्रों की दूरी पर होता है। इस योग में किया जाने वाला प्रत्येक कार्य सूर्य देव के आशीर्वाद से होता है। बसंत पंचमी पर सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ रवि योग भी बनेगा, जो कि शाम 6:57 बजे से अगले दिन सुबह 7:12 बजे तक रहेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग व्यक्ति की सभी मनोकामनाओं को पूरा करने के साथ-साथ सभी कार्यों में सफलता प्रदान करेगा।
विज्ञापन
मंदिरों में होंगे भव्य शृंगार, बहेगी भक्ति की बयार
बसंत पंचमी के मौके पर बृहस्पतिवार को शहर के किला परिसर स्थित दाऊजी मंदिर, रूई की मंडी स्थित कन्हैया मंदिर, गंगा महारानी मंदिर आदि में बंसती शृंगार किया जाएगा। इस दौरान सरस्वती पूजन का कार्यक्रम भी होगा। शाम को मंदिरो में भजन कीर्तन के साथ भक्ति की बयार बहेगी।