यूरिया के लिए मारामारी थम नहीं रही। सहकारी समितियों और गोदामों पर यूरिया लेने के लिए किसानों की भीड़ उमड़ रही है। 18 अगस्त को हाथरस रोड स्थित कृभको केंद्र पर खाद वितरण के दौरान भगदड़ मच गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर खाद का वितरण कराया।
बता दें कि अच्छी बारिश के चलते इस बार धान की फसल खेतों में लहलहा रही है। किसान बेहतर पैदावार लेने के लिए फसल में भरपूर मात्रा में यूरिया लगाना चाह रहे हैं, लेकिन किसानों गको आवश्यकता के अनुसार खाद की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जैसे ही किसानों को मालूम पड़ता है कि समितियों और गोदामों पर यूरिया आ गई है, वैसे ही वहां किसानों की भीड़ पहुंच जाती है।
18 अगस्त को नगर के हाथरस रोड स्थित कृभको केंद्र पर बड़ी संख्या में किसान यूरिया लेने पहुंच गए। जैसे ही खाद का वितरण शुरू हुआ, वैसे ही वहां धक्का-मुक्की शुरू हो गई और भगदड़ मच गई। हालात इतने खराब हो गए कि महिला व पुरुष जान बचाकर भागे। वितरण केंद्र वालों ने दुकान बंद कर दी। बाद में पुलिस पहुंची, तब जाकर खाद का वितरण हो पाया।
यही हाल क्षेत्र की सहकारी समितियों का हो रहा है। सहकारी समिति मऊ चिरायल, कपसिया, भेंकुरी, बपंडई और टीकरी से जुड़े किसानों का आरोप है कि आधी खाद तो दिन में बांट दी जाती है। बाकी का रात्रि में बंदरबांट कर लिया जाता है।
गांव मऊ चिरायल के किसान राकेश कुमार, राजभान सिंह, लालू, धांधू सिंह, पप्पू सिंह, मनवीर सिंह, शैलेंद्र सिंह का कहना है कि खाद की ऐसी किल्लत इससे पहले नहीं देखी। एसडीएम धर्मेंद्र सिंह चौहान का कहना है कि किसान यदि संयम से खाद लें तो कोई परेशानी नहीं होगी। आवश्यकता से अधिक खाद मांगने के कारण हालात बिगड़ रहे हैं। कई समितियों पर पुलिस बल लगाकर खाद का वितरण कराया जा रहा है।