सादाबाद में पांच साल पहले हुए सनसनीखेज हत्याकांड में एडीजे कोर्ट द्वितीय ने अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आवेश में आकर पिता ने अपने ही तीन साल के मासूम की सिर कुचलकर हत्या कर दी थी। बचाने आयी मां पर भी हमला किया था। कोर्ट ने घटना को वीभत्स मानते हुए कड़ी सजा सुनाई है।
सादाबाद के गांव नगला ठाड़ा (बिसावर) में 19 नवंबर 2021 की दोपहर करीब तीन बजे चौहान सिंह ने आवेश में आकर अपने ही तीन साल के बेटे विराज उर्फ किट्टू के सिर पर ईंट से ताबड़तोड़ प्रहार कर दिए थे। दोपहर को वह छत पर बने कमरे में सो रहा था। पत्नी से मारपीट करते हुए वह कमरे में दाखिल हुआ और आवेश में आकर सोते किट्टू पर ताबड़तोड़ प्रहार कर दिए। बच्चे की आवाज तक नहीं निकली थी। तड़पते हुए थोड़ी देर में ही उसका शरीर शांत हो गया था। बचाने आयी मां रेखा पर भी दरांती से वार किया, जिससे उनके सीधे हाथ में चोट आई थी। हमले से घर में कोहराम मच गया था। आरोपी चौहान सिंह बेटे की हत्या करने के बाद मौके से फरार हो गया था।
पत्नी रेखा ने चौहान सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दो बेटों में किट्टू छोटा था। उनका आरोप था कि पति अकसर मारपीट करता था। परिजनों ने बताया था कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं और आगरा में उसका उपचार भी चला था। एफआईआर दर्ज करने के बाद 20 नवंबर को चौहान सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया था तथा 20 दिसंबर को पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
न्यायालय में ट्रायल के दौरान पत्नी ने अपने पति के खिलाफ बयान दिए। परिवार के अन्य लोगों ने भी आरोपी चौहान द्वारा की गई परी घटना से न्यायालय को अवगत कराया। कोर्ट ने सबूत व गवाहों के आधार पर चौहान सिंह को दोषी ठहराया। कोर्ट ने इसे जघन्य अपराध की श्रेणी में रखते हुए चौहान को आजीवन कारावास व 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। मारपीट में छह माह के कारावास व 500 रुपये अर्थदंड तथा धारदार हथियार से चोट पहुंचाने पर दो वर्ष के कारावास व दो हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई है।