पत्नी की चाकू से गोदकर हत्या में पति को आजीवन कारावास की सजा हुई। बेटे को सजा मिलना पिता बर्दाश्त नहीं कर पाया और दम तोड़ दिया। पिता के अंतिम संस्कार के लिए बेटा जेल से आया।
मुरसान क्षेत्र के गांव खोंदुआ में पत्नी की हत्या के दोषी योगेंद्र सिंह को पिता के अंतिम संस्कार के लिए 4 सितंबर की रात को कड़ी सुरक्षा के बीच अलीगढ़ जेल से लाया गया। पिता के शव पर योगेंद्र फूट-फूटकर रोया। अंतिम संस्कार के बाद पुलिस उसे वापस जेल ले गई।
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गौरतलब है कि योगेंद्र के 62 वर्षीय पिता नारायण सिंह की 3 सितंबर की देर शाम को मौत हो गई थी। योगेंद्र सिंह ने नशे की हालत में 31 जनवरी 2023 को गांव खोंदुआ में अपनी पत्नी रेखा की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। उसे न्यायालय ने छह दिन पहले इस मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इन-दिनों वह अलीगढ़ जेल में है।
पिता नारायण सिंह की मौत के बाद पुलिस उनके इकलौते बेटे योगेंद्र को कड़ी सुरक्षा के बीच अलीगढ़ जेल से गांव लेकर आई। उसने अपने पिता को मुखाग्नि दी। सीओ सादाबाद अमित पाठक का कहना है कि सूचना पर पुलिस गांव में गई थी। अंतिम संस्कार के बाद योगेंद्र को अलीगढ़ पुलिस वापस जेल ले गई। गांव में चर्चा है कि बेटे को आजीवन कारावास की सजा को पिता बर्दाश्त नहीं कर पाया और दम तोड़ दिया।