बुधवार को भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों और किसानों ने अनोखा प्रदर्शन किया। आलू के लगातार गिरते दाम को लेकर सांकेतिक रूप से आलू की अर्थी निकाली। मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सादाबाद विधायक प्रदीप चौधरी को सौंपा।
आलू के लगातार गिरते दाम और किसानों की बदहाल स्थिति के विरोध में बुधवार को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के पदाधिकारियों और किसानों ने अनोखा प्रदर्शन किया। किसानों ने मथुरा अड्डा स्थित चौधरी चरण सिंह प्रतिमा स्थल से विधायक कार्यालय तक सांकेतिक रूप से आलू की अर्थी (शवयात्रा) निकाली और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सादाबाद विधायक प्रदीप चौधरी को सौंपा।
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प्रदर्शन के दौरान किसान हाथों में आलू और मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर चल रहे थे। उनका कहना था कि उचित मूल्य नहीं मिलने से आलू की खेती घाटे का सौदा बन गई है। सांकेतिक अर्थी निकालकर किसानों ने सरकार का ध्यान आलू उत्पादकों की समस्याओं की ओर आकर्षित किया।
ज्ञापन में किसानों ने प्रदेश सरकार से आलू की सरकारी खरीद शुरू करने, निर्यात को बढ़ावा देने, कोल्ड स्टोरेज का किराया माफ करने या उसमें राहत देने तथा किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने की मांग की। किसानों का कहना था कि इस वर्ष उत्पादन लागत बढ़ी है, जबकि बाजार में उचित दाम नहीं मिलने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
विधायक प्रदीप चौधरी ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी मांगों को मुख्यमंत्री तक गंभीरता से पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आलू किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके हितों की रक्षा के लिए वह हर स्तर पर मजबूती से आवाज उठाते रहेंगे। सरकार से आलू की सरकारी खरीद, निर्यात के नए अवसर उपलब्ध कराने और कोल्ड स्टोरेज किराये में राहत देने का आग्रह किया जाएगा।