राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय महासचिव जयंत चौधरी ने कहा कि चले थे अकेले, चलते चलते लोग मिलते गए काफिला बनता गया। चौ. चरण सिंह की विचारधारा को आगे ले जाने के लिए अब रालोद ने सुखी किसान, स्वावलंबी नौजवान का नारा दिया है। चौधरी चरण सिंह ने ही ग्रामीण विकास मंत्रालय की स्थापना की थी। आज के दौर में गांव के किसान के लिए कितना बजट है, किसी को मालूम नहीं। वह सरकार में आए तो किसान आयोग की स्थापना करेंगे। बेरोजगारों को नौकरी देंगे।
अब तक बनी सरकारों पर जाति का चश्मा चढ़ा हुआ था, हर भर्ती में जातिवाद था। उन्होने कहा कि वह 100 दिन के अंदर पारदर्शी और बिना क्षेत्रवाद व जातिवाद की नौकरी देंगे। नौकरी में महिलाओं के लिए भी 33 फीसदी आरक्षण होगा। बुंदेलखंड, पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट की बेंच की स्थापना होगी।
जयंत ने कहा रालोद कार्यकर्ताओं के मन में जो सेवा भावना और विचारधारा है, उसके आगे सब फीके पड़ जाते हैं। जनता ने मन बना लिया है कि अब वह रालोद को ही प्रदेश का नेतृत्व करते हुए देखना चाहती है। रालोद के घोषणा पत्र के आगे सब फेल हैं।
जयंत यहां सादाबाद इंटर कॉलेज के सामने कोठीगंज मैदान में रालोद प्रत्याशी डॉ. अनिल चौधरी के समर्थन में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होने लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि वह यहां किसी की आलोचना करने नहीं आए हैं। कार्यकर्ता अपनी कमजोरी को दूर करें और दूसरों की कमजोरी निकालना बंद करें। किसी भी राज्य के संगठन को दो चीजें चलाती हैं, एक सेवा भावना ओर दूसरी विचार धारा और इन दोनों में रालोद के आगे सब फेल हैं। जीतेंगे या नहीं जीतेंगे यह सोचना बंद करें।
हमारें बुर्जंगों ने एक सपना देखा था, किसान को उसका हर अधिकार मिल सके। चौधरी चरण सिंह एक जाति के नेता नहीं थे और न ही रालोद एक जाति की पार्टी है। इस बार सुनहरा मौका है। पूरे यूपी से आप के ही लोग चुनकर आएंगे। चौ. अजित सिंह ने कभी यह एहसास नहीं होने दिया कि किसान कमजोर पड़ गया। किसान भी सीना तानकर यही कहते हैं कि दिल्ली में अपने चौधरी बैठे हैं। दिल्ली में सरकार किसी की भी रही हो, लेकिन यह सरकारें आज भी घबराती हैं कि पश्चिमी यूपी का किसान न आ पड़े। उन्होंने कहा कि इस बार महसूस हो रहा है कि हम संख्या और एकता के बल पर कलेक्ट्रेट, मुख्य सचिव से लेकर मंत्री के घर में जा घुसेंगे। सरकार आपकी होगी। बागडोर आपके हाथ में हो, वो दिन आप देखना चाहते हो या नहीं।
पुलिस रिफॉर्म सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित नियम है, उसका पालन कराया जाएगा। बॉर्डर स्कीम को लागू किया जाएगा। जयंत ने कहा कि बीएसएफ के जवान की जो वीडियो आई थी, सरकार चाहे तो उससे मुंह मोंड़ सकती है, लेकिन यह एक दुखद सच्चाई है। राज्य स्तर पर शहीद स्मृति ग्राम विकास योजना का गठन कर हम उन परिवारों को सम्मान दे सकते हैं। ताकि आने वाली पीढ़ी याद करें। उन्होने भारी मतों से डॉ. अनिल चौधरी को विजयी बनाने का आह्वान किया।