मंडी में जाम से निजात दिलाने के लिए धान लेकर आने वाले वाहनों के प्रवेश का समय रात 10 बजे से सुबह आठ बजे तक निर्धारित किए जाने से दूरदराज के किसानों की परेशानी बढ़ गई है। बुधवार सुबह 10 बजे धान लेकर पहुंचे किसानों को गेट पर ही रोक दिया गया। करीब दो घंटे इंतजार के बाद उन्हें मंडी में प्रवेश दिया गया।
किसानों का कहना है कि उन्हें प्रवेश के नए समय की जानकारी नहीं थी। पहले किसान पूरे दिन मंडी में धान लेकर पहुंच सकते थे। बुधवार को कई किसान सुबह 10 बजे ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर मंडी पहुंचे तो कर्मचारियों ने उन्हें निर्धारित समय का हवाला देकर रोक दिया। किसानों ने जानकारी न होने की बात कही और आगे से समय का ध्यान रखने का भरोसा दिया। इसके बाद उन्हें प्रवेश मिला।
बुधवार को मंडी में करीब 30 हजार क्विंटल धान की आवक हुई, जो पिछले दिनों के मुकाबले 10 से 15 हजार क्विंटल कम रही। इसके बावजूद प्रवेश के समय की पाबंदी के कारण किसानों को इंतजार करना पड़ा।
डीजल भी फुंकेगा और समय भी बर्बाद होगा
मंडी में पूरे दिन प्रवेश मिलने की जानकारी थी। पहले कभी इस तरह गेट पर धान से लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली नहीं रोके गए। अब निर्धारित समय के अनुसार आने-जाने में काफी समय लगेगा और अगले दिन शाम तक ही गांव पहुंच पाने की आशंका है।
अरुण, किसान निवासी गांव खिटौली (हसायन)
हमारा गांव मंडी से करीब 40 किलोमीटर दूर है। ऐसे में वापस लौटने पर डीजल खर्च होगा और दोबारा आने में भी परेशानी होगी। मंडी में रुकने पर दो दिन तक समय बर्बाद होने की आशंका है। प्रवेश के समय में बदलाव की जानकारी पहले से दी जानी चाहिए।
दीपक, किसान निवासी गांव पिछौती (हसायन)
आढ़तिया एसोसिएशन द्वारा दिए गए पत्र पर समय बदला था, जिससे जाम की समस्या से निजात मिले। हमारा उद्देश्य किसानों को परेशान करना कतई नहीं है। उनकी समस्या का समाधान करना है। बुधवार को 10 बजे बाद धान लेकर आए किसानों के सभी वाहन अंदर ले लिए गए।
-अनिल कुमार, मंडी सचिव