रामप्रकाश सोलंकी के बेटे पवन ने आरोप लगाया कि घटना वाली रात करीब 12 बजे प्रबंधक और प्रधानाचार्य छात्रावास के हॉल में आए थे और उसके पिता को बाहर भेज दिया था।
पवन ने यह जानकारी जिले में पिता से मिलने के बाद दी है। पवन का कहना है कि उसके पिता ने बताया कि वह 22 सितंबर को घटना वाली रात वह सवा दस बजे सो गया था। रात 12 बजे विद्यालय प्रबंधक दिनेश बघेल व प्रधानाचार्य लक्ष्मण सिंह छात्रावास हॉल में आए थे और उससे दरवाजा खुलवाया। उनसे कहा कि तुम बाहर बैठ जाओ, लाइट खराब है, उसे सही करना है। वह शौचालय चला गया। थोड़ी देर बाद प्रबंधक और प्रधानाचार्य लौट गए।
दवा के असर से रामप्रकाश फिर से गहरी नींद में सो गया। सुबह योग में कृतार्थ नहीं आया तो उसे लाने के लिए बच्चों को भेजा। इसी दौरान प्रधानाचार्य ऊपर से बच्चे को गोदी में लेकर आ रहे थे। राम प्रकाश सोलंकी की दवा अन्य सामान का बैग विद्यालय परिसर में है। दवा का पर्चा भी नहीं दिया गया है। वह उन्हें दवा भी ले जाकर नहीं दे पाए।