खंभों पर अंकित किए गए नंबर। संवाद
- फोटो : Samvad
नगर पालिका परिषद हाथरस में पथ प्रकाश व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत शहर के प्रत्येक स्ट्रीट लाइट पोल को यूनिक नंबर दिया जाएगा तथा वार्डवार उसका विस्तृत डेटाबेस तैयार किया जाएगा।
यह पहल केवल खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि नगर में स्थापित प्रत्येक पोल, उस पर लगी स्ट्रीट लाइट और उसकी कार्यशीलता का स्थाई रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इससे भविष्य में पथ प्रकाश व्यवस्था की निगरानी अधिक प्रभावी और जवाबदेह बन सकेगी। दरअसल शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइटें बंद रहने तथा कई गलियों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था न होने की शिकायतों का डीएम ने संज्ञान लिया था। उन्होंने स्वयं रात्रि भ्रमण कर व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया, जिसमें कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें बंद मिलीं थीं।
समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि नगर पालिका के पास कुल स्ट्रीट लाइट पोलों, वार्डवार उनकी संख्या तथा कार्यशील एवं खराब लाइटों का कोई अद्यतन समेकित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इसी कमी को दूर करने के लिए पूरे शहर में पोल सर्वे और यूनिक नंबरिंग का अभियान प्रारंभ किया गया है। अभियान के अंतर्गत प्रत्येक पोल पर वार्ड संख्या के साथ विशिष्ट पोल नंबर अंकित किया जा रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद नगर पालिका के पास पहली बार वार्डवार एसेट रजिस्टर उपलब्ध होगा, जिसमें कुल पोलों की संख्या, स्ट्रीट लाइटों की स्थिति तथा प्रकाश व्यवस्था से वंचित स्थानों का स्पष्ट विवरण दर्ज रहेगा।
डीएम ने निर्देश दिए हैं कि सर्वे के साथ प्रत्येक स्ट्रीट लाइट की कार्यशीलता का भी सत्यापन किया जाए। खराब लाइटों की वार्डवार सूची तैयार कर उनकी मरम्मत अथवा आवश्यकता अनुसार प्रतिस्थापन कराया जाएगा। वहीं जिन क्षेत्रों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं है, उन्हें चिह्नित कर नई स्ट्रीट लाइट लगाने की कार्ययोजना भी बनाई जाएगी। ईओ नगर पालिका रोहित सिंह ने बताया कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद नागरिक किसी भी खराब स्ट्रीट लाइट की शिकायत उसके विशिष्ट पोल नंबर के आधार पर कर सकेंगे, जिससे संबंधित पोल की तत्काल पहचान कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।