पीलीभीत-मैलानी रेलखंड पर एक साल पहले ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया गया था, लेकिन एक साल बाद भी मथुरा-कासगंज रेल खंड से किसी ट्रेन का संचालन मैलानी के लिए नहीं किया गया है। हाथरस से मैलानी, लखीमपुर खीरी आदि जाने के लिए सीधे ट्रेन की सुविधा नहीं है।
हाथरस के लोगों को ट्रेन से पहले लखनऊ जाना पड़ता है या फिर सड़क परिवहन का सहारा लेना पड़ता है। जबकि एक साल पहले ही पीलीभीत से लखीमपुर खीरी व मैलानी पहुंचने के लिए रेलवे ट्रैक का निर्माण कर दिया गया है। हाथरस के यात्रियोंं को सुविधा देने के लिए मथुरा-कासगंज रेल खंड से भी कम से कम दो ट्रेनों का संचालन पीलीभीत होकर मैलानी, लखीमनपुर खीरी आदि के लिए किया जाना चाहिए। वरिष्ठ मंडलीय वाणिज्य प्रबंधक संजीव कुमार शर्मा का कहना है कि जैसे इस मार्ग पर ट्रेन का संचालन मुमकिन हो जाएगा, वैसे ही आम जनता के बीच प्रचार प्रसार शुरू किया जाएगा।
इज्जतनगर मंडल के लिए यह अच्छा मौका है कि वह आम लोगों को सीधे मैलानी के लिए ट्रेन की सुविधा दे। ट्रेनों का संचालन शुरू होने के बाद हाथरस से पीलीभीत होते हुए मैलानी तक के लिए ट्रेन होनी चाहिए। - दिनेश सरदाना, पूर्व सदस्य, रेल परामर्शदात्री समिति, हाथरस सिटी।
लखीमपुर खीरी, मैलानी का मार्ग अभी तक सीधा नहीं था। इसलिए आम यात्रियों के साथ ही व्यापारिक व्यवस्थाएं भी डगमाई हुई थीं, लेकिन अब जब ट्रैक चल रहा है। मथुरा-हाथरस आदि से सीधी ट्रोनों की सुविधा होनी चाहिए। - कपिल अग्रवाल, पूर्व सदस्य, रेल परामर्शदात्री समिति, हाथरस सिटी।