हाथरस के घंटाघर, नाजिहाई बाजार, रूई की मंडी, हलवाई खाना, मोहनगंज, बेनीगंज, लोहत बाजार, परसट्टा बाजार, पत्थर बाजार, नयागंज, चूना वाला डंडा, रामलीला ग्राउंड, पंजाबी मार्केट, बागला मार्केट, कमला बाजार, बंदरबन, सर्कुलर रोड, चक्की बाजार आदि के मार्गों पर अतिक्रमण इस कदर है कि चौड़ा मार्ग सिमट कर गली बन गया है।
अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार एसोसिएशन ने 18 मार्च को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन दिया। जिसमें हाथरस शहर के बाजारों में हो रहे अतिक्रमण को मुक्त कराने की मांग उठाई।
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अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि हाथरस शहर के सभी मुख्य बाजार जैसे घंटाघर, नाजिहाई बाजार, रूई की मंडी, हलवाई खाना, मोहनगंज, बेनीगंज, लोहत बाजार, परसट्टा बाजार, पत्थर बाजार, नयागंज, चूना वाला डंडा, रामलीला ग्राउंड, पंजाबी मार्केट, बागला मार्केट, कमला बाजार, बंदरबन, सर्कुलर रोड, चक्की बाजार आदि के मार्गों पर अतिक्रमण इस कदर है कि चौड़ा मार्ग सिमट कर गली बन गया है। इन मार्गों पर पैदल चलना जनमानस के लिए मुसीबत बना हुआ है।
बाजार की गलियों में स्थित नालियों पर लोहे के जाल रखकर उसके ऊपर बेंच लगाकर दुकानदार अपना माल बेच रहे हैं। हाथरस शहर की बख्तावर गली, होली गली, मालिन गली, बजरिया गली समेत अन्य गली-मोहल्लों में दुकानदारों के अतिक्रमण के कारण बाजार बंद नजर आते हैं। अतिक्रमण के कारण ही नालियों की सफाई नहीं हो रही है। जिसके कारण जलभराव की समस्या बनी रहती है।
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बाजारों में जाम लगने के कारण असामाजिक तत्वों के लोग समाज विरोधी घटनाएं घटित करते हैं। अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जनमानस के लिए मुख्य बाजारों के मार्गों, फुटपाथों व नालियों को अतिक्रमण से मुक्त कराए जाने की मांग की है। ज्ञापन देने के दौरान जिला अध्यक्ष जयप्रकाश तिवारी, दीपक, महासचिव भवतेंद्र पाल सिंह, विवेक शर्मा, राधेश्याम शर्मा, इंदिरा जायसवाल, प्रतिमा भारद्वाज सहित आदि मौजूद थे।