विकास भवन सभागार में बृहस्पतिवार को जल संचय जन-भागीदारी 2.0 अभियान की समीक्षा की गई। इसमें अभियान को सफल बनाने के लिए जन भागीदारी बढ़ाने और सरकारी कार्य जल्द पूरे करने पर जोर दिया गया। सीडीओ पीएन दीक्षित ने एक जून 2025 से 31 मार्च 2026 तक कराए गए कार्यों की समीक्षा की।
उन्होंने गोशालाओं के आसपास बने गड्ढों, पेयजल टंकियों से ओवरफ्लो पानी के संचयन पर जोर दिया। कहा कि भूजल स्तर गिरने के कारण हाथरस उन 12 जनपदों में शामिल है, जहां विशेष जल संचयन अभियान चलाया जा रहा है।
लघु सिंचाई विभाग ने 45 रूफ टॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बना लिए हैं। भूमि संरक्षण विभाग ने तीन तालाब के सापेक्ष दो पूर्ण किए हैं, जबकि एक निर्माणाधीन है। जल निगम (शहरी) के 35 तथा जल निगम (ग्रामीण) द्वारा प्रस्तावित 280 रूफ टॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बजट के अभाव में पूर्ण नहीं हो सके। नगर पालिका एवं नगर पंचायतों द्वारा 150 रूफ टॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग एवं 80 सोक पिट बनाने के लक्ष्य के सापेक्ष मात्र पांच सिस्टम ही लगाए गए हैं। एनजीओ द्वारा 135 रूफ टॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के सापेक्ष केवल दो ही बने हैं। सहायक अभियंता लघु सिंचाई दीपक कुमार ने बताया कि 5153 के सापेक्ष अब तक 315 कार्य पूर्ण तथा 76 कार्य जारी हैं। सीडीओ ने कहा कि पूर्ण कार्यों को पोर्टल पर अपडेट किया जाए।