मृतक की पत्नी सरोज देवी ने बताया कि घटना के वक्त पास के ही दूसरे कमरे में वह अपनी दो बेटियों निशा और भूमिका के साथ सो रहीं थीं। आग लगने के बाद पति की चीख-पुकार उनको नहीं सुनाई दी। केवल आग और धुआं देखकर उन्होंने शोर मचाया था। इसके बाद वह आग बुझाने में जुट गईं, लेकिन पति को नहीं बचा पाईं।
बता दें कि मृतक अनिल कुमार शर्मा अलीगढ़ की गभाना तहसील के गांव पिपलकोट के रहने वाले थे। कई दिनों से नगला जलाल बिजलीघर पर कार्यरत थे। उनकी पांच बेटियां और एक बेटा है। तीन बड़ी बेटियों की शादी हो चुकी है। दो छोटी बेटियां यहीं पर पढ़ रहीं हैं। पुत्र आदर्श भी यहीं पर पढ़ रहा है। तीन जनवरी को बेटे आदर्श का जन्मदिन मनाने के बाद तीनों विवाहित बेटियां अपनी-अपनी ससुराल चली गईं। बेटा गांव में दादी के पास चला गया था। इस हादसे से बिजली महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है।