मंगलवार रात आई तेज आंधी और बारिश ने सादाबाद क्षेत्र में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। ऊंचागांव रसमई विद्युत उपकेंद्र से जुड़े 12 से अधिक गांवों में पूरी रात बिजली आपूर्ति ठप रही। इससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
रातभर बिजली न आने के कारण नत्था नगला, रमचेला, पल्हावत, कजरौठी, पोदा समेत आसपास के कई गांव अंधेरे में डूबे रहे। बारिश रुकने के बाद उमस बढ़ गई और मच्छरों के प्रकोप ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। पंखे और कूलर बंद रहने से लोग रातभर सो नहीं सके। बिजली गुल होने का सबसे ज्यादा असर पेयजल आपूर्ति पर पड़ा। बुधवार सुबह तक बिजली न आने से सबमर्सिबल नहीं चल पाए, जिससे घरों में पानी की भारी किल्लत हो गई।
ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ा। अवर अभियंता सौरभ शर्मा ने बताया कि मंगलवार रात मौसम अत्यधिक खराब हो गया था। किसी भी दुर्घटना से बचाव के लिए विद्युत आपूर्ति को अस्थायी रूप से बंद किया गया था। उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह आपूर्ति को सुचारु रूप से बहाल कर दिया गया है।
- गांव में हैंडपंप बहुत कम हैं। बिजली न होने से सुबह पानी के लिए काफी दूर जाना पड़ा, जिससे बहुत परेशानी हुई। - हरवीर सिंह, निवासी, पल्हावत- हमारे मोहल्ले में एक-दो ही हैंडपंप हैं। सुबह से ही लाइन लग गई, काफी देर तक इंतजार के बाद पानी मिल पाया। - विमला देवी, निवासी, कजरौठी
- पिछले साल भी रसमई बिजलीघर में बार-बार खराबी आई थी, लेकिन विभाग ने कोई स्थायी समाधान नहीं किया। - मनवीर कुमार, निवासी, रमचेला
- मार्च में ही कई बार बिजली कटौती हो चुकी है। अभी तो गर्मी शुरू भी नहीं हुई और हालात ऐसे हैं, आगे क्या होगा। - जीतू कुमार, निवासी, कजरौठी