अस्तित्वहीन फर्मों से हुई जिले में डस्टबिन खरीद
तत्कालीन सीडीओ द्वारा उक्त फर्म से खरीद की दी गई थी अनुमति
तत्कालीन सीडीओ को शासन स्तर से जारी किया गया आरोप पत्र, आयुक्त अलीगढ़ मंडल करेंगे जांच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। जिले में एक ऐसी फर्म से डस्टबिनों की खरीद की गई, जो फर्म भौतिक रूप से अस्तित्व में ही नहीं थी। डीएम हाथरस के द्वारा शासन को भेजी गई आख्या में यह खुलासा हुआ है। इस आख्या में यह साफ कहा गया है कि तत्कालीन सीडीओ एसपी सिंह द्वारा एसबीएम ग्रामीण के तहत जिले की ग्राम पंचायतों में डस्टबिन क्रय किए जाने में वित्तीय नियमों एवं योजना के गाइड लाइन्स का उल्ल्घंन किया गया है। अब इस मामले में प्रमुख सचिव अनुराग श्री वास्तव ने उक्त मामले में तत्कालीन सीडीओ को आरोप पत्र जारी करते हुए उक्त प्रकरण की जांच आयुक्त अलीगढ़ मंडल को दे दी है।
जिले में डस्टबिन खरीद को लेकर शुरू ही जांच होती रही हैं। अब इस मामले में शासन से आए एक पत्र ने सभी अंचभित कर दिया है। शासन द्वारा जारी पत्र में लिखा गया है डीएम हाथरस ने 7 जून को भेजे पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि तत्कालीन सीडीओ एसपी सिंह ने हाथरस तैनाती अवधि में पंचायती राज विभाग द्वारा संचालित एसबीएम ग्रामीण के अंतर्गत जिले की सभी ग्राम पंचायतों में डस्टबिन क्रय किए जाने के संबंध में वित्तीय नियमों एवं योजना के गाइड लाइन्स का उल्लघंन करते हुए ऐसे फर्म से क्रय किए जाने की अनुमति दी, जो फर्म जांच में भौतिक रूप से अस्तित्व में नहीं पाई गई।
इस पत्र में यह भी साफ किया गया है कि तत्कालीन सीडीओ द्वारा निजी स्वार्थ के देखते हुए ऊंची दरों वाली फर्मोँ से क्रय की अनुमति दी गई, जबकि वही डस्टबिन कम दर की फर्र्मे आपूर्ति के लिए तैयार थी। फर्मो के चयन करने में सीडीओ द्वारा मितव्ययता के किसी सिद्वान्त का पालन नहीं किया, जिसके कारण शासकीय धन का दुरुपयोग पाया गया।
उक्त मामले में राज्यपाल के आदेशों के क्रम में तत्कालीन सीडीओ पर लगे आरोपों की जांच के लिए आयुक्त अलीगढ़ मंडल अलीगढ़ को जांच अधिकारी नामित किया गया है। शासन स्तर से जारी आदेश में यह निर्देश दिए गए है कि जांच अधिकारी उक्त मामले में दोषसिद्ध के बारे में अपनी आख्या दें। जांच आख्या के दौरान संबंधित अधिकारी का स्पष्टीकरण एवं आरोपों से संबंधित साक्ष्य भी शासन को मूल रुप से प्रेषित किए जाएं।