वीडियो में दिख रहा है कि बहस के दौरान डॉक्टर ने कहा कि “चाहे डीएम को बुला लो या अन्य किसी को, मैं काम नहीं करूंगा।” इस बयान के बाद माहौल गरमा गया। वीडियो में दोनों पक्षों के तीखी नोकझोंक भी दिखती है।
सहपऊ कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 7 मई को उस समय हंगामा हो गया, जब ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने शांति भंग के आरोपी का चिकित्सीय परीक्षण करने से इन्कार कर दिया। इससे भड़के आरोपी के परिजन की डॉक्टर से तीखी बहस हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर देखा जा रहा है। डॉक्टर को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।
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जानकारी के अनुसार, शांति भंग की कार्रवाई में पाबंद गांव कोंकना कलां निवासी आरोपी रिंकू सिंह को पुलिस चिकित्सीय परीक्षण के लिए सीएचसी लेकर पहुंची। आरोप है कि वहां मौजूद डॉ. विनीत सक्सेना ने मेडिकल परीक्षण करने से मना कर दिया। जिससे रिंकू सिंह के भाई हरेंद्र सिंह और डॉ. विनीत के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई।
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वीडियो में दिख रहा है कि बहस के दौरान डॉक्टर ने कहा कि “चाहे डीएम को बुला लो या अन्य किसी को, मैं काम नहीं करूंगा।” इस बयान के बाद माहौल गरमा गया। वीडियो में दोनों पक्षों के तीखी नोकझोंक भी दिखती है। हैरानी की बात यह भी है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी मामले को शांत कराने के बजाय अपने मोबाइल फोन में व्यस्त नजर आए, जिससे विवाद और बढ़ता गया। घटना के दौरान अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और वहां मौजूद मरीज व तीमारदार भी असहज हो गए। इस मामले की जानकारी जैसे ही सीएचसी प्रभारी काे हुई तो उन्होंने एक अन्य चिकित्सक को भेज कर आरोपी का परीक्षण कराया। इसके बाद ही उस आरोपी को दंडाधिकारी न्यायालय में प्रस्तुत करने के लिए भेजा गया।
सामुदायिक स्वास्थ्य के केंद्र प्रभारी डॉ. प्रकाश मोहन ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर विवाद की असली वजह क्या थी और किसकी लापरवाही है ? डॉ. विनीत सक्सेना को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।