सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकों की मनमानी मरीजों पर भारी पड़ रही है। 8 मई की सुबह आठ बजे से ही सीएचसी पर मरीजों का पहुंचना शुरू हो गया, लेकिन 10 बजे तक ओपीडी में चिकित्सक का अता-पता नहीं था। सुबह 10 बजे सीएचसी प्रभारी अस्पताल पहुंचे और मरीजों का उपचार शुरू किया। चिकित्सकों की लेटलतीफी से मरीजों और उनके तीमारदारों में नाराजगी दिखी।
मैं करीब आठ किलोमीटर दूर गांव नगला बनारसी से दवा लेने के लिए सुबह आठ बजे आ गया था, लेकिन यहां दस बजे तब कोई चिकित्सक नहीं आया। मुझे खांसी के साथ अन्य बीमारी है।-गोपाल सिंह, नगला बनारसी।
मेरे शरीर में खुजली सहित अन्य परेशानी है। मैं गांव शीतला से दवा लेने के लिए ढाई घंटे से बैठा हूं, लेकिन सीएचसी पर दवा देने वाला कोई चिकित्सक नहीं है। यहां इंतजार करते हुए काफी परेशानी हो रही है।-हुब्बलाल
मैं करीब छह किलोमीटर दूर गांव गौजिया से दवा लेने आई हूं। मेरे पैर में परेशानी है। सुबह आठ बजे से यहां बैठी हूं, लेकिन कोई डॉक्टर नहीं मिला है। अब गर्मी भी बढ़ती जा रही है। कुछ देर और इंतजार कर रही हूं। फिर बाजार से दवा लेकर चली जाऊंगी।-वैजयंती, गौजिया
मैं गर्मी के कारण बीमार हो गई हूं, इसलिये दवा लेने के लिए सुबह ठंडे-ठंडे में आई हूं। दो घंटे इंतजार के बाद भी कोई डॉक्टर नहीं मिला। यहां पर अब भीड़ बढ़ती जा रही है। इस अस्पताल में डॉक्टरों की यही स्थिति है।-अफसाना, मरीज