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जिले में 35 हजार एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य

Sat, 09 Apr 2016 12:03 AM IST
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
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हाथरस। सरकार ने किसानों को उनके गेहूं का उचित मूल्य दिलाने के लिए जिले में 52 गेहूं क्रय केंद्र भले ही शुरू कर दिए हैं, लेकिन आठ दिन बाद भी इन क्रय केंद्रों पर एक भी दाना गेहूं नहीं खरीदा जा सका है। क्रय एजेंसियों की लापरवाही का इससे बड़ा उदहारण और क्या हो सकता है, जबकि सरकारी मंडियों में आज भी किसान गेहूं लेकर आ रहे हैं और सरकारी क्रय केंद्र नहीं होने की वजह से समर्थन मूल्य से कम रेट पर आढ़तियों और व्यापारियों को गेहूं बेच रहे हैं या फिर उसे वापस लेकर जा रहे हैं। क्रय केंद्रों पर कहीं नकदी नहीं होने तो कहीं बारदाने की कमी का बहाना बनाया जा रहा है। 
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इधर, शासन ने जिले में गेहूं खरीद का लक्ष्य भी तय कर दिया है। इस साल क्रय केंद्रों के माध्यम से जिले में सेंट्रल पूल के लिए 35 हजार एमटी गेहूं खरीदा जाना है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी नरेंद्र कुमार ने दावा किया कि एक-दो दिन में क्रय केंद्रों पर गेहूं की आवक शुरू हो जाएगी। किसानों को उनकी रबी की गेहूं की फसल में उचित मूल्य दिलाने के लिए इस बार सरकार ने 1,525 रुपये प्रति क्विंटल का रेट निर्धारित किया है, जिससे किसानों को उनकी फसल का लागत मूल्य आसानी से प्राप्त हो सके। इसके लिए जिले में खरीद एजेंसियों को 52 गेहूं क्रय केंद्र संचालित करने का जिम्मा दिया गया है। शासन की नीतियों के अनुसार जिले की हाथरस, सादाबाद एवं सिकंदराराऊ कृषि उत्पादन मंडी समितियों में भी क्रय केंद्र संचालित कराए गए हैं, जिससे बाजार में किसानों को अपने गेहूं का उचित मूल्य नहीं मिले तो वह इन क्रय केंद्रों पर अपना गेहूं बेचकर उचित मूल्य प्राप्त कर सकें।
डिप्टी आरएमओ ने बताया कि सभी क्रय केंद्रों पर विधिवत रूप से बारदाना भी उपलब्ध करा दिया गया है, जिससे किसान गेहूं लेकर आए तो उसका गेहूं खरीद जा सके। उन्होंने बताया कि कोलकाता से वारदाना की रैक लदकर चल दी है, जिससे आने वाले एक-दो दिन में 60 हजार बोरा बारदान और मिल जाएगा। गेहूं खरीद में किसी भी प्रकार की वारदाने की समस्या नहीं आएगी।
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