मामला तूल पकड़ता देख आनन-फानन सीएमओ ने एसीएमओ मधुर कुमार की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। इस कमेटी में डीआईओ डा. एमआई आलम व डॉ. अनिल शर्मा को सदस्य बनाया है।
अब अंदरखाने भुगतान कर मामला निपटाने का प्रयास
डीजल घोटाला सामने आने के बाद से सीएमओ कार्यालय में गहमा-गहमी बनी हुई है। पेट्रोल पंप संचालक को भुगतान का आश्वासन देकर कई महीने से टरकाया जा रहा था। मगर अब पंप संचालक ने जब जोर दिया तो अंदरखाने मामला निपटाने का भी प्रयास हो रहा है। सूत्रों के अनुसार पांच लाख रुपये में से लगभग एक लाख रुपये का भुगतान छह माह पहले कोल्ड चेन प्रभारी के जरिए हो चुका था। शेष चार लाख रुपये के भुगतान के प्रयास में पंप संचालक लगे थे। सही आश्वासन न मिलने पर सीएमओ व अन्य अधिकारियों से बुधवार को नोकझोंक हो गई थी। हालांकि स्वास्थ्य अधिकारी यही कहते रहे कि यह प्रकरण पंप संचालक व कोल्ड चेन प्रभारी धर्म सिंह के बीच का है। बृहस्पतिवार को पंप संचालक व धर्म सिंह दोनों पक्ष के लोग सीएमओ कार्यालय पर एकत्रित हुए। जहां अंदरखाने मामला निपटाने का प्रयास हुआ। चुपचाप भुगतान भी हुआ है। मगर किसी ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
ऑडिट नहीं कराया
विभागीय जानकारी के अनुसार जब एक पेट्रोल पंप का मामला सामने आया तो सीएमओ ने लगभग सभी गाडिय़ों का ऑडिट किया था। सभी विभागों ने ऑडिट करा लिया था, लेकिन धर्म सिंह अपनी लॉग बुक लेकर नहीं पहुंचे। इन्हें इस संबंध में नोटिस भी गया था।
एक और पंप का रुका भुगतान
इसी तरह एक अन्य पेट्रोल पंप से भी कोल्ड चेन को डीजल जाता है। इस पंप के भी लगभग 54 हजार रुपये फंसे हुए हैं। यहां भी बिल वाउचर पर फर्जी हस्ताक्षर की संभावना है, लेकिन पंप संचालक आगे व्यापार चलाने की खातिर शांत हैं।