गांव हतीसा निवासी मतेंद्र सिंह गहलोत ने एमपी/ एमएलए कोर्ट दीपक नाथ सरस्वती के न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था और इसमें कहा था कि रामजीलाल सुमन ने जानबूझकर मेरे व मेरे समाज के पूर्वज महाराणा संग्राम सिंह उर्फ राणा सांगा को सदन में गद्दार बताकर अपमानित किया।
हाथरस के एमपी/एमएलए कोर्ट में समाजवादी पार्टी के सांसद रामजीलाल सुमन के विरुद्ध दाखिल प्रार्थना पत्र पर बहस पूरी हो चुकी है और कोर्ट 19 मई को अपना आदेश सुना सकती है।
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गांव हतीसा निवासी मतेंद्र सिंह गहलोत ने एमपी/ एमएलए कोर्ट दीपक नाथ सरस्वती के न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था और इसमें कहा था कि रामजीलाल सुमन ने जानबूझकर मेरे व मेरे समाज के पूर्वज महाराणा संग्राम सिंह उर्फ राणा सांगा को सदन में गद्दार बताकर अपमानित किया। क्योंकि राज्यसभा के वक्तव्य पर उन्हें अभियोजन से विशेष अधिकार प्राप्त है। आरोप है कि उसके बाद रामजीलाल सुमन ने 22 मार्च 2025 को अपने कथन पर मांगे स्पष्टीकरण पुनः सोशल मीडिया के माध्यम से सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने, जातीय संघर्ष फैलाने, सस्ती लोकप्रियता बटोरने के लिए भड़काऊ बयान दिया। सदन में की गई अपनी टिप्पणी की पुष्टि की।
न्यायालय के आदेश पर इस मामले की प्रारंभिक जांच सीओ सिटी ने की और अपनी आख्या भेज दी। इस मामले में प्रार्थना पत्र दाखिल करने वाले मतेंद्र सिंह गहलोत के अधिवक्ता बहस कर चुके हैं। इस मामले में न्यायालय में आदेश के लिए 19 मई की तिथि नियत है।