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Hathras News: वाहनों से तेज मौत के आंकड़ों की रफ्तार, एक माह में 33 की गई जान

Thu, 20 Aug 2026 02:41 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
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प्रतीकात्मक चित्र। - फोटो : Archive
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जिले में सड़क हादसों में होने वाली मौतों के आंकड़े वाहनों की रफ्तार पर भारी पड़ रहे हैं। हालत यह हैं कि जिले में एक महीने के दौरान ही सड़क हादसों में 33 लोगों की जान चली गई। जनवरी से अब तक 158 लोग सड़क हादसों में जान गंवा चुके हैं। जिले में प्रतिदिन औसतन करीब 10 सड़क हादसों में 15 लोग घायल हो रहे हैं। दो महीनों से रोजाना एक मौत का औसत है।
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जिले से होकर गुजरने वाले प्रमुख हाईवे हादसों के लिहाज से सबसे ज्यादा संवेदनशील बने हुए हैं। आगरा-अलीगढ़ और दिल्ली-कानपुर हाईवे पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। कुल हादसों में 72 फीसदी इन्हीं हाईवे के हैं। मथुरा-बरेली फोर लेन हाईवे पर भी दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। 20 फीसदी हादसे इस नए हाईवे पर राया से सलेमपुर के बीच हो रहे हैं। पिछले साल सड़क हादसों में 289 लोगों की जान गई थी।
क्रिटिकल टीम के बाद भी नहीं गिरा ग्राफ
हादसों के लिहाज से प्रदेश में जिले को अति संवेदनशील जिलों में शामिल किया गया है। वर्ष 2024 व 2025 में होने वाली जनहानि के आधार पर 20 जिले जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट कार्यक्रम के लिए चिह्नित किए गए। इनमें 242 थाने ऐसे पाए गए, जिनमें सबसे अधिक जानें गईं। इनमें हाथरस के सिकंदराराऊ, सादाबाद, हाथरस जंक्शन व हाथरस गेट शामिल हैं। इन चारों थानों में दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के दृष्टिगत क्रिटिकल टीम बनाई गईं, जो जनवरी से प्रभावी हैं। इसके बाद भी मौत का ग्राफ गिर नहीं रहा है।
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हादसों की मुख्य वजह
रफ्तार : अधिकतर हादसों में रफ्तार सबसे बड़ी वजह सामने आ रही है। सिकंदराराऊ में कार पलटने से तीन लोगों की मौत तेज रफ्तार के कारण हुई।
नए हाईवे : लगातार नए हाईवे बन रहे हैं। इन पर पड़ने वाले कट व सर्विस रोड पर लापरवाही, लेन बदलने व वाहनों से सुरक्षित दूरी आदि नियमों की जानकारी का अभाव। गांवों के लिए अवैध कट से भी हादसे होते हैं।
नियमों की अनदेखी : सड़क किनारे वाहन खड़े करना, नशे में गाड़ी चलाना, मोबाइल पर बात करना व अन्य यातायात नियमों की अनदेखी।

इस साल हुए बड़े हादसे
3 मार्च 2026 : सादाबाद क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेस-वे पर सुबह 4.30 बजे कार और बस की भिड़ंत में छह लोगों की मौत हो गई थी। छह लोग घायल हुए थे।
14 अगस्त 2026 : नायब तहसीलदार की गाड़ी ने सलेमपुर के निकट मोपेड सवार तीन लोगों को रौंद दिया। इनमें छह साल का बच्चा भी था। हादसे में तीनों की मौत हो गई।
15 अगस्त 2026 : एटा-कानपुर हाईवे पर सिकंदराराऊ में झपकी आने के कारण कार अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में तीन लोगों की मौत हुई।
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यातायात के नियमों की अनदेखी हादसों की मुख्य वजह है। यातायात व सिविल पुलिस लगातार अभियान चलाकर वाहन चालकों को जागरूक करती हैं। विशेष चेकिंग अभियान भी चलाए जाते हैं। लोगों को नियमों के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता है। क्रिटिकल टीमों की मॉनिटरिंग की जा रही है। इनके द्वारा दर्जनों लोगों की जान बचाई भी गई है।
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-चिरंजीवनाथ सिन्हा, पुलिस अधीक्षक
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