न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
स्वास्थ्य विभाग भले की जिले में डेंगू का एक भी रोगी न होने की बात कह रहा हो, लेकिन कस्बा लाढ़पुर में बुखार का प्रकोप है। जिसके चलते एक व्यक्ति की मौत भी हो गई है। इसे लेकर मृतक के परिजन मौत का कारण डेंगू होना बता रहे हैं। इसके अलावा कस्बा के आधा दर्जन से अधिक लोगों को अलीगढ़, आगरा और नोएडा में डेंगू का इलाज चल रहा है।
मौसम के बदलाव के साथ ही बुखार के रोगियों की संख्या भी अचानक से बढ़ गई है। इन दिनों में डेंगू के रोगी भी सामने आते हैं। जिला स्तर पर डेंगू वार्ड बनाए जाने के निर्देश हर बार दिए जाते हैं। अब अगर स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट की बात करें तो अभी तक एक भी केस डेंगू का सामने नहीं आया है। वहीं गांव लाढ़पुर निवासी रिषी कुमार ने बताया कि उनके पिता बाबू लाल पुत्र हीरालाल को पहले बुखार आया। दवा से कोई फायदा नहीं हुआ। शहर के एक निजी अस्पताल में भी इलाज चला, जहां से उन्हें डेंगू बताकर आगरा रेफर कर दिया गया। पांच दिन तक आगरा के निजी अस्पताल में डेंगू का इलाज चला और रविवार की रात को करीब नौ बजे उनकी मौत हो गई। सोमवार को बाबूलाल के शव का लाढ़पुर में अंतिम संस्कार किया गया।
आगरा, अलीगढ़ नोएडा में चल रहा डेंगू का इलाज
नीरज पुत्र सुभाषचंद्र, रवेंद्र पुत्र रामगोपाल का आगरा के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं भूदेव प्रसाद पुत्र डोरीलाल, मंजू देवी पत्नी भूदेव प्रसाद, कपिल पुत्र भूदेव प्रसाद का अलीगढ़ में इलाज चल रहा है। अजय कुमार व उसकी मां अनार कली का शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज जारी है। पूरन देवी व उसकी पुत्रवधू राधा का अलीगढ़ रोड स्थित एक अस्पताल में डेंगू का इलाज चला। वीरेंद्र पुत्र बृजलाल का नोएडा में इलाज चलना बताया गया है।
डेंगू किसी को नहीं है, क्योंकि जांच किसी के पास नहीं है। केवल लोगों को बुखार है। जिसे लेकर लोगों में भ्रम पैदा हो गया है। उन्हें डर है कि यह बुखार कहीं डेंगू का तो नहीं है। गांव में टीम को भेजा जा रहा है। बुखार के रोगियों की जांच करके टीम अपनी रिपोर्ट देगी।
- डॉ. बृजेश राठौर, सीएमओ