फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी विज्ञापन दिखाकर साइबर ठग पहले लोगों से उनका फोन नंबर व व्यक्तिगत जानकारियां जुटाते हैं, और फिर किसी न किसी बहाने ऑनलाइन भुगतान कराकर उनका बैंक खाता खाली कर देते हैं। हाल ही में हाथरस के युवक ने मध्य प्रदेश की महिला से पेंसिल के विज्ञापन के जरिये 12 हजार की ठगी की है।
शहर में ठगी के कई केंद्र संचालित हैं, जो फेसबुक व व्हाट्सएप की विज्ञापन सुविधा का लाभ उठाकर यूजर्स का डाटा एकत्रित करते हैं और फिर उन्हें फोन कर प्रोडक्ट भेजने के बहाने ठगी की जाती है।
एड मैनेजर के जरिये मिलने वाली लीड पर ये सामान भेजने के बहाने ज्योतिष व यंत्रों के नाम पर लोगों को झांसे में लेने का प्रयास करते हैं। छह फरवरी 2021 को कोतवाली सदर, हाथरस गेट व एसओजी ने ऐसे ही दो कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ किया था और 19 युवक-युवतियों पर कार्रवाई हुई थी। इसके बाद जनवरी 2023 में भी छापा मारा था, अब फिर से चोरी छिपे यह काम शुरू हो गया है।
साइबर सेल की एडवाइजरी
प्राइवेसी सेटिंग्स मजबूत करें : सोशल मीडिया प्रोफाइल की प्राइवेसी सेटिंग्स को निजी या केवल परिचितों तक सीमित रखें, ताकि अज्ञात लोग आपकी निजी जानकारी न चुरा सकें।
- टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करें : यह आपकी प्रोफाइल की सुरक्षा की पहली परत है। अगर किसी को आपका पासवर्ड मिल भी जाए, तो भी वह बिना ओटीपी के लॉगिन नहीं कर पाएगा।
अनपेक्षित विज्ञापनों पर भरोसा न करें : फेसबुक या इंस्टाग्राम पर वर्क फ्रॉम-होम, भारी छूट या अनधिकृत विज्ञापनों पर क्लिक करके अपना फोन नंबर व डाटा शेयर न करें।
अज्ञात क्यूआर कोड व लिंक से बचें : किसी भी कोरियर या पार्सल के नाम पर आए संदिग्ध व्हाट्सएप लिंक या बैंक विवरण शेयर न करें।
सीओडी चुनें : यदि आप किसी नई ई-कॉमर्स साइट से खरीदारी कर रहे हैं, तो हमेशा कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प चुनें और सामान चेक करने के बाद ही पेमेंट करें।
पार्ट-टाइम जॉब और इन्वेस्टिंग स्कीम से दूरी बनाएं : सोशल मीडिया विज्ञापनों पर दिखाए जाने वाले टास्क पूरा कर पैसे कमाएं, क्रिप्टो या शेयर मार्केट में दोगुना रिटर्न जैसे विज्ञापनों में कभी भी पैसा इन्वेस्ट न करें।
साइबर फ्रॉड से बचने के लिए लोगों में जागरूकता होना आवश्यक है, इसलिए सोशल मीडिया का प्रयोग करते समय सावधानी बरतें। लुभावने विज्ञापन व अजान लिंक से दूरी बनाकर रखें। लोगों की निजी जानकारी हासिल कर ठगी करने वालों पर साइबर टीम नजर बनाए हुए हैं। इन पर कार्रवाई की जाएगी।
-चिरंजीवनाथ सिन्हा, एसपी