जिले में इस बार मक्का की बंपर पैदावार हुई है। सरकारी खरीद केंद्रों का लक्ष्य पूरा होने के बाद सात में से पांच केंद्र बंद हो गए हैं। जिन दो पर खरीद हो रही है, वहां भी मात्र 1300 क्विंटल का लक्ष्य बचा है। किसान मक्का लेकर मंडी में पहुंच रहे हैं तो वहां दाम गिर गए हैं। मजबूरी में किसानों को एमएसपी से 350 से 800 रुपये प्रति क्विंटल के घाटे पर मक्का बेचना पड़ रहा है।
इस बार सरकार ने मक्का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2400 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। मंडी में 1600 से 2051 रुपये प्रति क्विंटल का भाव चल रहा है। खाद्य एवं विपणन विभाग के अनुसार जिले में सरकारी खरीद का लक्ष्य 8500 क्विंटल तय किया गया था। इसमें 6667 क्विंटल की खरीद हो चुकी है। सासनी में 600 और सादाबाद में 700 क्विंटल का लक्ष्य बचा हुआ है।
कृषि विभाग के अनुसार इस वर्ष जिले में करीब 17 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में मक्का बोया गया था। इस बार अच्छी पैदावार हुई है। पिछले 11 जुलाई तक मात्र 1.35 क्विंटल मक्का मंडी में पहुंचा था, इस बार 11 जुलाई तक 3.25 क्विंटल पहुंच चुका है। जितनी सरकारी खरीद अब तक हुई है, उससे अधिक सात हजार क्विंटल रोजाना मंडी में पहुंच रहा है।
बातचीत :
तीन-चार दिन तक अलीगढ़ रोड स्थित मक्का खरीद केंद्र के चक्कर लगाता रहा, लेकिन वहां बताया गया कि लक्ष्य पूरा हो चुका है। मजबूरी में 2051 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से मक्का बेचना पड़ा।
-प्रेम सिंह, किसान नगला गजुआ।
एमएसपी का कोई लाभ नहीं मिल रहा है। मंडी में आढ़ती 1600 से लेकर 2051 रुपये प्रति क्विंटल के दाम पर मक्का खरीद रहे हैं। खरीद केंद्र बंद होने से फसल सस्ते में बेचने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
-भगवान सिंह, किसान गांव मथू, मुरसान।
-सरकारी क्रय केंद्रों पर मक्का की खरीद निर्धारित मानकों के अनुसार की जा रही है। सादाबाद और सासनी केंद्रों को छोड़कर अन्य सभी केंद्रों का निर्धारित लक्ष्य पूरा हो चुका है।
-कमला प्रसाद यादव, डिप्टी आरएमओ।
3.25 लाख क्विंटल मक्का पहुंचा मंडी में, पिछले साल पहुंचा था 1.35 लाख क्विंटल
6667 क्विंटल मक्का की खरीद अब तक हो चुकी है 8500 के लक्ष्य के मुकाबले
1300 क्विंटल मक्का की खरीद का लक्ष्य अभी बचा है सासनी और सादाबाद खरीद केंद्र का