पिता की हत्या के आरोप में पकड़ा गया अंशुल।
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एटा जनपद के शहर जलेसर निवासी भीकम सिंह (55) की हत्या उन्हीं के दो बेटों अंशुल और रिंकू ने जमीन के लिए की थी। आरोपियों ने उनका शव हाथरस के सहपऊ क्षेत्र में नाले के पास फेंक दिया था। पिता के साथ बड़े भाई जितेंद्र की नजदीकी दोनों बेटों को रास नहीं आ रही थी। उन्हें शक था कि पिता अपनी 12 बीघा जमीन जितेंद्र के नाम कर देगा। पुलिस के मुताबिक पिता का रोज-रोज शराब पीकर दोनों आरोपी बेटों के साथ गालीगलौज करना भी हत्या के पीछे बड़ी वजह थी। सहपऊ पुलिस ने अंशुल को गिरफ्तार कर लिया है जबकि रिंकू फरार है।
एसपी घुले सुशील ने मंगलवार को प्रेसवार्ता में बताया कि 16 जनवरी को सहपऊ कोतवाली क्षेत्र में गांव मढ़ाका के पास भीकम सिंह का शव मिला था। मूल रूप से एटा जनपद के सकरौली थाना क्षेत्र के गांव बबूलगढ़ी निवासी भीकम सिंह जलेसर में प्रेम नगर की गली नंबर तीन रह रहा था। 15 जनवरी की शाम को वह घर से वे हाथरस बस अड्डा जाने की बात कहकर गए थे। अगले दिन सुबह भीकम सिंह का शव मिलने के बाद तीनों बेटों ने रिपोर्ट दर्ज कराने से इन्कार कर दिया था। पुलिस के समझाने पर 18 जनवरी को बड़े बेटे जितेंद्र ने अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
एसपी ने बताया कि 15 जनवरी को हत्या से पहले भीकम सिंह ने शराब पीकर दोनों आरोपी बेटों के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।
भीकम की पत्नी ससुराल गई थीं। बड़ा भाई जितेंद्र घर में नहीं था। आरोपियों ने गुस्से में आकर भीकम सिंह से मारपीट कर दी। इस पर भीकम सिंह ने उन्हें जेल भिजवाने की बात कही। इसी दौरान दोनों ने भीकम की हत्या की योजना बना ली। भाई अंशुल ने पिता के हाथ पकड़ लिए और दूसरे बेटे रिंकू ने चाकू से उनका गला रेत दिया।
इसके बाद आरोपी घर के पास खड़ी बोलेरो में शव को डालकर मढ़ाका पहुंचे और शव को गंदे नाल में डालकर भाग निकले। बोलेरो खुद रिंकू चलाकर ले गया। यह बोलेरो भीकम सिंह के साले की थी जो जो आरोपियों के घर के पास ही खड़ी रहती थी। पुलिस ने आरोपी अंशुल की निशानदेही पर बोलेरो कार को बरामद कर लिया है। खुलासा करने वाली टीम में एसओ अवधेश कुमार, एसआई अनिल कुमार, शशीराणा, आलोक कुमार आदि शामिल रहे।