हाथरस। बिजली महकमे में नलकूप संयोजन बांटने के नाम पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। जांच के बाद इस मामले में दो कार्यालय सहायकों को अधीक्षण अभियंता ने निलंबित कर दिया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने डार्क जोन में फर्जीवाड़ा करके नलकूप कनेक्शन बांट दिए। फर्जी नलकूप कनेक्शन चलाने के आरोप में आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस खुलासे से बिजली महकमे में खलबली मच गई है। चर्चा है कि आला अधिकारियों ने पूरे जिले में 16 ऐसे नलकूप कनेक्शन चिह्नित किए हैं, जोकि फर्जी दस्तावेजों से चलाए जा रहे हैं।
दूसरे मामले में 28 अप्रैल को एसडीओ कायम सिंह निगम एवं जेई ललित कुमार राणा, लाइनमैन बृजेश कुमार ने संविदा लाइनमैन जयजय राम के साथ गांव टिकारी में सूचना के आधार पर चेकिंग की। चेकिंग में पाया गया कि आठ नलकूप उपभोक्ता अवैध रूप से लाइन आदि ऊर्जीकृत कर नलकूप चला रहे थे। एसडीएओ द्वारा जब उनसे नलकूप की बिल की किताब और प्राकलन की धनराशि जमा करने की रसीद आदि मांगी गई तो वह रसीदें नहीं दिखा पाए, अपितु नलकूप की जो किताबें प्रस्तुत की गईं, वह फर्जी प्रतीत हो रही थीं। इन लोगों के खिलाफ अवर अभियंता ने 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र सलेमपुर ने थाना हाथरस जंक्शन में अवैध रूप से नलकूप चलाने की प्राथमिकी दर्ज करा दी। इसके अतिरिक्त एसई को भेजी गई रिपोर्ट में यह भी अवगत कराया है कि फर्जी तरीके से तैयार पासबुक के आधार पर जमा धनराशि का समाशोधन संबधित कार्यालय सहायक राजीव शर्मा द्वारा नहीं किया गया, जिससे फर्जी संयोजन पकड़ से बाहर रहे। इस मामले में एसई ने कार्यालय सहायक द्वितीय राजीव कुमार शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और विद्युत वितरण खंड द्वितीय से संबद्ध कर दिया है।
डार्क जोन में नलकूप के कनेक्शन देने पर सरकार ने सख्त रुख अपना रखा है। सूचना मिली थी बाबू ने फर्जीवाड़े से वहां नलकूप कनेक्शन दे दिए हैं। इसकी जांच दो सदस्यीय टीम के एक्सईएन जेपी वर्मा व अन्य ने कराई थी। मामला सही पाया गया, इसी के चलते कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। इसके अलावा अलीगढ़ मंडल के सभी ब्लॉकों में डार्क जोन में कनेक्शन की जांच एसडीओ द्वारा कराई जाएगी, जो भी दोषी होगा कार्रवाई होगी।
- बीएस गंगवार, मुख्य अभियंता, वितरण
नलकूप के नाम पर वसूली, लिपिक सस्पेंड
हाथरस। नलकूप कनेक्शन के नाम पर 2.75 लाख रुपये लेने के आरोप में एक और लिपिक को सस्पेंड किया गया है।
दरअसल, शिकायत दिवस में डीएम को एक शिकायत प्रस्तुत की गई थी, जिसमें शिकायतकर्ता ने कहा है कि उसने निजी नलकूप लगाने के लिए विद्युत वितरण खंड तृतीय हाथरस में वर्ष 2013 में समस्त कानूनी औपचारिकताएं पूर्ण करते हुए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। उसने बताया कि नलकूप कनेक्शन स्वीकृत कराने के संबंध में विद्युत विभाग में कार्यरत हैड कैशियर रितुराज बंसल को गवाहों के समक्ष नलकूप स्वीकृति के लिए 2,75,000 दिए गए। मामले की जांच जब एक्सईएन ने एसडीओ कुलदीप श्रीवास्तव सासनी से कराई तो जांच में रितुराज बंसल को इस प्रकरण में प्रथमदृष्टया संलिप्त पाया गया। एक्सईएन ने बताया कि कार्यालय सहायक द्वारा कार्यालय में मादक पेय का सेवन किया जाता है तथा दैनिक कार्यों में निर्देश देने के बाद भी कार्यों का संपादन समय से नहीं किया जाता, जिसके कारण विभागीय कार्यों को समय से संपादित करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस मामले को दृष्टिगत रखते हुए एसई राकेश कुमार वर्मा ने कार्यालय सहायक रितुराज बंसल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और निलंबन अवधि में विद्युत वितरण खंड चतुर्थ सादाबाद से संबद्ध कर दिया है।