कस्बे में कुछ दिन पहले हुई रेनू की हत्या के मामले में एसओ की कार्यप्रणाली पर महिलाओं ने गहन रोष प्रकट किया। बुधवार को महिलाओं ने नौरंगाबाद स्थित भाई जी की धर्मशाला पर बैठक की। इसमें कहा कि रेनू की हत्या और लूट सिकंदराराऊ के इतिहास का सबसे जघन्य अपराध है। इसे लेकर महिलाओं में भारी रोष दिखाई दिया।
उन्होंने कहा कि इस हत्याकांड का खुलासा कर पुलिस ने बेशक प्रशंसा का काम किया है, लेकिन इस हत्याकांड के बाद से शुरू से ही जिस तरह एसओ ने अपना रवैया दिखाया है वह अतिनिंदनीय है। उन्होंने कहा कि खुलासे के बाद आरोपी के पिता के साथ क्रोधित लोगों ने मारपीट कर दी तो एसओ ने उन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। यह लोग पीड़ित परिवार के अति नजदीकी हैं। महिलाओं का आरोप था कि हत्याकांड के विरोध में नगरपालिका के गेट पर धरने पर बैठे व्यापारियों के खिलाफ भी एसओ ने रोड जाम सहित कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करा दी है। उनका आरोप है कि इन्हीं थानाध्यक्ष के रहले पूर्ण न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती है।
इन हालातों में जांच किसी सीओ स्तर के अधिकरी से कराई जाए। वहीं, डीएम और एसपी से व्यापारियों और मारपीट के मामले में दर्ज कराई रिपोर्ट को निरस्त कराने की मांग की है। इस दौरान गीता वार्ष्णेय, चंचल वार्ष्णेय, मधू जैन, आरती जैन, नेहा शर्मा, अनुराधा, ओमवती देवी, शिल्पी, कमला वर्मा, नीलम, रेखा, मंजू देवी, ममता, शीला, ज्योति आदि थीं।
पुलिस ने किया फ्लैग मार्च
रेनू हत्याकांड के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर लोगों में रोष को देखते हुए सीओ राकेश वशिष्ठ के निर्देशन में नगर में सैकड़ों पुलिसकर्मियों ने बुधवार को फ्लैग मार्च किया।
रेनू हत्याकांड का दूसरा आरोपी जेल भेजा
कोतवाली पुलिस ने रेनू हत्याकांड में फरार चल रहे दूसरे आरोपी सचिन पुत्र फीलू त्रिवेदी को मंगलवार शाम पंत चौराहे से गिरफ्तार कर लिया। कोतवाली पुलिस ने आरोपी को जेल भेजा है। लूट के प्रथम आरोपी धीरज पुत्र कैलाश पाठक को दिन पूर्व कोतवाली पुलिस दो लाख रुपयों तथा दो सौ ग्राम सोने के साथ गिरफ्तार जेल भेज चुकी है।